रेड क्रॉस ने शोकसभा आयोजित कर दिवंगत हाजी मो शफीक खा को दी श्रद्धांजलि
सीतामढ़ी : इण्डियन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा सीतामढ़ी की ओर से रेड क्रॉस के आजीवन सदस्य, प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व जिलाध्यक्ष तथा प्रदेश उपाध्यक्ष रहे दिवंगत हाजी मो शफीक खा साहब के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में उपस्थित लोगों ने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और सामाजिक योगदान को याद किया।
इस अवसर पर वक्ताओं में रेड क्रॉस के सचिव राजेश कुमार सुंदरका ने कहा कि हाजी मो शफीक खा केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे समाज के हर वर्ग के लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले मिलनसार, कर्मठ, संवेदनशील एवं जनसेवा के प्रति समर्पित इंसान थे। उनका पूरा जीवन सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे, गरीबों एवं जरूरतमंदों की सहायता तथा समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा।
राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का सफर
दिवंगत हाजी मो शफीक खा सीतामढ़ी जिले के उन वरिष्ठ राजनीतिक एवं सामाजिक व्यक्तित्वों में शामिल थे, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में समाज और संगठन के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनकी संगठनात्मक क्षमता, राजनीतिक अनुभव और कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय संबंधों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय जनता दल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के सीतामढ़ी जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती प्रदान की। इसके अतिरिक्त बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के उपाध्यक्ष एवं प्रदेश स्तर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने हमेशा सामाजिक न्याय, पिछड़े, शोषित, वंचित एवं कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया।
उनकी राजनीतिक पहचान केवल पद और प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों के बीच अपनी सहजता, सादगी और सहयोगात्मक व्यवहार के लिए जाने जाते थे।
रेड क्रॉस एवं मानव सेवा के प्रति समर्पण
हाजी मो शफीक खा का जुड़ाव इण्डियन रेड क्रॉस सोसाइटी से भी काफी आत्मीय रहा। वे रेड क्रॉस के आजीवन सदस्य होने के साथ-साथ इसकी प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य भी रहे। मानव सेवा के उद्देश्य से संचालित इस संस्था के प्रति उनकी विशेष रुचि और प्रतिबद्धता थी।
वे मानते थे कि जरूरतमंदों की सहायता करना, पीड़ित मानवता की सेवा करना और समाज में आपसी सहयोग की भावना विकसित करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। उनका जीवन इसी सोच और विचारधारा को समर्पित रहा।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे
सभा में उनके सुपुत्र एवं सामाजिक कार्यकर्ता मो. जलालुद्दीन खान ने अपने पिता के साथ रेड क्रॉस के लंबे जुड़ाव और उनके सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने जीवनभर समाज, संगठन और जरूरतमंद लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी। रेड क्रॉस जैसी मानवीय संस्था से उनका जुड़ाव उनके सेवा भाव का परिचायक था।
उन्होंने रेड क्रॉस के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में भी वे अपने पिता के विचारों और सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए रेड क्रॉस के सामाजिक एवं मानवीय कार्यक्रमों में हरसंभव सहयोग करते रहेंगे।
पूर्व विधायक सुनील कुमार कुशवाहा ने कहा कि हाजी मो शफीक खा साहब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में जो आदर्श स्थापित किए, उनके पदचिह्नों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
रेड क्रॉस के चेयरमैन डॉ. महावीर ठाकुर ने दिवंगत शफीक खान के साथ बिताए अपने पुराने संस्मरणों को साझा करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व अत्यंत सरल, मिलनसार और सेवाभावी था। उनके निधन से सामाजिक एवं मानवीय सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान रिक्त हो गया है।
इस अवसर पर रेड क्रॉस के कोषाध्यक्ष राजेश महतो, कार्यसमिति सदस्य अमित कुमार झा, मो. नसीबुर रहमान एवं संजीव कुमार ने भी सभा को संबोधित करते हुए दिवंगत आत्मा के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की।
कार्यक्रम का संचालन रेड क्रॉस के सचिव राजेश कुमार सुन्दरका ने किया। उन्होंने दिवंगत हाजी मो शफीक खा के रेड क्रॉस से जुड़े योगदान को याद करते हुए उनके निधन को संस्था एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हाजी मो शफीक खा साहब का राजनीतिक अनुभव, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदना और जनसेवा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
रिपोर्टर : मुकेश यादव

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