लखनऊ हादसे में जान गंवाने वाले आदित्य का अंतिम संस्कार आज, बिसवां में शोक की लहर
बिसवां सीतापुर - नगर के कैथी टोला मोहल्ले में मंगलवार को गमगीन माहौल देखने को मिला। जिस गली में रोज सुबह चहल-पहल रहती थी, वहां आज हर चेहरा उदासी से भरा नजर आया। घर के भीतर महिलाओं की भीड़ और परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को और भी भावुक बना दिया। लोग बड़ी संख्या में दिवंगत आदित्य के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आदित्य लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के साथ उसे ग्राफिक्स डिजाइनिंग का भी शौक था और वह इस क्षेत्र में प्रशिक्षण ले रहा था। वह नौकरी करके अपना खर्च स्वयं वहन करता था। एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले आदित्य के परिवार में माता-पिता, एक छोटा भाई और एक बड़ी बहन हैं। बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई अभी शिक्षा ग्रहण कर रहा है। उसके पिता तहसील में अधिवक्ता हैं।
परिजनों का कहना है कि यह कोई साधारण घटना नहीं है। उनका आरोप है कि कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते, जिसके चलते कई परिवारों के सपने और उम्मीदें खत्म हो गईं। परिवार ने प्रदेश सरकार से मृतक के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है, ताकि परिवार के अन्य बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।
पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग एकत्र हैं, लेकिन हर व्यक्ति के चेहरे पर दुख साफ दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि लखनऊ जैसे बड़े शहर में हुई इस त्रासदी ने कई परिवारों की उम्मीदों को झकझोर दिया है और आग की लपटों में कई युवाओं के सपने जलकर राख हो गए।
आदित्य का अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर 2 बजे किया जाएगा।
इस दुखद घटना पर बिसवां बार एसोसिएशन एवं लॉयर्स एसोसिएशन ने शोक प्रस्ताव पारित कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। दिवंगत के आवास पर अधिवक्ताओं, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के नेताओं तथा मीडिया प्रतिनिधियों का लगातार पहुंचना जारी है।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
बिसवां विधायक निर्मल वर्मा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच की कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है तथा घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं एमएलसी जास्मीन अंसारी ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को मामले की गंभीरता से जांच करानी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मोहल्ले के लोगों के अनुसार आदित्य का स्वभाव बेहद मिलनसार था। वह जब भी घर आता था, आसपास के लोगों से मिलना-जुलना नहीं भूलता था। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि लखनऊ जाने के बाद उसका बिसवां लौटना अंतिम बार साबित होगा।
रिपोर्टर - आर.एन.सिंह
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