सरकार का नया नियम: स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा अपडेट, अब नहीं होगा जबरन प्रीपेड सिस्टम
लखनऊ में बिजली मीटर और बिलिंग प्रणाली को लेकर लंबे समय से चल रही बहस में अब उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब सभी नए और पुराने कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर ही लगाए जाएंगे, लेकिन उन्हें प्रीपेड रखना या पोस्टपेड, यह पूरी तरह से उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करेगा।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, जहां भी संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगना अनिवार्य होगा, लेकिन प्रीपेड मोड अब मजबूरी नहीं रहेगा।

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, जिनमें लगभग 70 लाख मीटर प्रीपेड हैं। पहले नए कनेक्शनों पर अनिवार्य रूप से प्रीपेड मीटर ही लगाए जाते थे। इस अनिवार्यता का राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद लंबे समय से विरोध कर रहा था।संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री Manohar Lal Khattar ने स्पष्ट किया कि प्रीपेड मीटर लगाना अब अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करेगा।


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