जूते उतारते ही पैरों से क्यों आती है बदबू? फेंके जाने वाली ये चीज है इसका इलाज
कई बार हमें घर के बाहर जूते उतारने पड़ते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह आम परिस्थिति शर्मिंदगी या परेशानी का कारण बन जाती है। इसकी मुख्य वजह है पैरों से आने वाली बदबू, जो अक्सर जूतों और मोज़ों में फंस जाती है। इस समस्या का सामना करने वाले लोग जानते हैं कि यह बदबू केवल स्वयं के लिए ही नहीं, बल्कि साथ मौजूद लोगों के लिए भी असहज अनुभव पैदा करती है।

पैरों की बदबू क्यों होती है?
पैरों में सबसे अधिक पसीने की ग्रंथियां होती हैं, लगभग 2.5 लाख प्रति पैर, जो शरीर के किसी भी हिस्से की तुलना में सबसे अधिक हैं। पसीना अपने आप में बदबूदार नहीं होता, क्योंकि यह मुख्य रूप से पानी, नमक और थोड़े प्रोटीन/यूरिया से मिलकर बनता है। असली बदबू तब आती है जब पसीना बैक्टीरिया से मिलता है। जूते और मोज़े बंद होने से नमी और गर्मी बनती रहती है, जिससे पसीना सूख नहीं पाता और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। ये बैक्टीरिया पसीने में मौजूद नमक, अमीनो एसिड, डेड सेल्स और तेल को खाते हैं और इसका अपशिष्ट (waste) बदबू के रूप में बाहर आता है।
ज्यादा बदबू क्यों होती है?
- कुछ लोगों में यह समस्या अधिक होती है। इसके कारणों में शामिल हैं:
- अधिक पसीना आना
- मृत त्वचा कोशिकाओं (Dead Cells) का जमा होना
- फंगल संक्रमण
- लगातार एक ही जूते पहनना
- सिंथेटिक मोज़ों का इस्तेमाल
- डायबिटीज, हार्मोनल बदलाव और तनाव
टी बैग से राहत: आसान घरेलू उपाय

- पैरों और जूतों की बदबू कम करने के लिए टी बैग एक सरल और प्रभावी उपाय है। चाय में मौजूद टैनिन बैक्टीरिया को कम करता है और बदबू को नियंत्रित करता है। इसे इस्तेमाल करने का तरीका इस प्रकार है:
- दो टी बैग को पानी में उबालकर ठंडा करें।
- जिन जूतों में बदबू है, उनमें इन टी बैग्स को 2–3 घंटे या रातभर के लिए रखें।
- जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टी बैग्स का उपयोग भी किया जा सकता है।
- इसके बाद जूतों को धूप में रखने से और भी फायदा होता है, क्योंकि सूरज की यूवी किरणें बैक्टीरिया को मार देती हैं।
- यह उपाय पैरों और जूतों की बदबू को काफी हद तक कम कर देता है। इसे हफ्ते में दो–तीन बार अपनाना फायदेमंद साबित होता है।

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