“ओबरा से उठेगा अगला इंटरनेशनल स्टार, 23वें सोनांचल कप से गूंजा क्रिकेट का शंखनाद”

सोनभद्र— जब जुनून लक्ष्य से जुड़ता है और सपनों को मंच मिल जाता है, तब इतिहास रचा जाता है। सोनांचल की धरती पर ठीक ऐसा ही नज़ारा देखने को मिल रहा है, जहाँ 23वीं राज्य स्तरीय सोनांचल कप क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य आगाज़ होने जा रहा है। क्रिकेट प्रेमियों में जोश है, खिलाड़ियों की आँखों में बड़े सपने हैं और पूरा ओबरा खेलमय माहौल में रंग चुका है।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के सूत्रधार और संस्थापक संकट मोचन झा का विज़न ही इस आयोजन की असली ताकत है। बीते 23 वर्षों से लगातार इस टूर्नामेंट को जीवित रखना केवल आयोजन नहीं, बल्कि खेल के प्रति समर्पण की मिसाल है। यही वजह है कि आज सोनभद्र सिर्फ खनिज संपदा के लिए नहीं, बल्कि क्रिकेट की नर्सरी के रूप में भी पहचाना जाने लगा है। इस वर्ष सोनांचल कप को और भी आकर्षक रूप दिया गया है। खिलाड़ियों के हौसले बढ़ाने के लिए प्रथम पुरस्कार ₹1,00,000, द्वितीय पुरस्कार ₹70,000, और मैन ऑफ द सीरीज को रेफ्रिजरेटर देने की घोषणा की गई है, जिसने प्रतियोगिता की प्रतिष्ठा को और ऊँचाई दी है। प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन 22 फरवरी (रविवार) सुबह 10 बजे होगा। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहेंगी। मुख्य अतिथि आर.के. अग्रवाल (ओबरा परियोजना प्रबंधक) होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि चांदनी (अध्यक्ष, ओबरा नगर पंचायत) कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी। साथ ही मुख्य संरक्षक रमेश सिंह, संरक्षक ए.के. राय, अजय सिंह यादव उर्फ डिंपल, अध्यक्ष रमेश वैश्य, उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल सहित आयोजन समिति के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। उनका सपना साफ है — “जब ओबरा या सोनभद्र का कोई खिलाड़ी भारत की जर्सी पहनेगा, वही मेरी सबसे बड़ी जीत होगी।”राज्य के विभिन्न जिलों से आई मज़बूत टीमें इस प्रतियोगिता को और रोमांचक बनाएंगी। स्थानीय खिलाड़ियों को पेशेवर क्रिकेट की बारीकियाँ सीखने और खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। आयोजक सचिव संकट मोचन झा का क्रिकेट से रिश्ता सिर्फ आयोजन तक सीमित नहीं है। वे स्वयं एक अनुभवी खिलाड़ी रहे हैं और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। एक खिलाड़ी के संघर्ष को नज़दीक से समझते हुए उन्होंने यह संकल्प लिया कि सोनभद्र के युवाओं को ऐसा मंच मिलेगा,जहाँ से वे टीम इंडिया तक का सफर तय कर सकें। कुल मिलाकर,सोनांचल कप केवल एक टूर्नामेंट नहीं,बल्कि युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला आंदोलन है। यह आयोजन सोनभद्र के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है — ऐसा अध्याय, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मैदानों तक गूंज सकता है


रिपोर्टर - कुम्धज चौधरी

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