बिजली को तरसे तेलगुड़वा, आदिवासियों का उबाल—आंदोलन तेज
सोनभद्र- चोपन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटा के तेलगुड़वा के पश्चिम टोला में बिजली की समस्या को लेकर अब ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है।आजादी के दशकों बाद भी गांव में बिजली न पहुंचने से नाराज़ आदिवासियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
पूर्व प्रदेश सचिव, छात्र मंच (अपना दल एस) रविन्द्र सिंह यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक सरकार इस गांव तक बिजली नहीं पहुंचा सकी, जबकि कई बार राज्य मंत्री, विधायक और जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। नेतृत्व कर रहे रविन्द्र सिंह यादव ने साफ कहा कि अगर समय रहते प्रशासन और जनप्रतिनिधि नहीं चेते, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है और जिला से लेकर लखनऊ तक आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे। पंकज यादव ने आदिवासी समाज के साथ हो रहे अन्याय और शोषण पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर लड़ाई जारी रहेगी।ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि पास में स्थित ओबरा थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन कर अन्य जिलों में भेजी जा रही है, लेकिन स्थानीय आदिवासी आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। फैक्ट्री के प्रदूषण का दंश झेलने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
आंदोलन में विजय कुमार, तेजू राम, वंशराज, गुड्डू, लालमन, बलीराम, ब्रिजदेव मुनि, ओमप्रकाश, भोला, उत्तम, मुन्ना, छोटेलाल, रामविलास, शिवकुमार, लालजी, सोनू गुप्ता, सुरेश, मोहनलाल, चंद्र, रामप्यारी, विश्वनाथ, लक्ष्मण, संतोष, रमेश सेनापति समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
“बिजली उत्पादन के बीच अंधेरे में गांव—अब सड़क पर उतरे आदिवासी”
रिपोर्ट- कुम्धज चौधरी


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