जमीन की जंग: अडानी परियोजना पर किसानों का बिगुल”
सोनभद्र - में प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर और अडानी परियोजना के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण ने अब तूल पकड़ लिया है। वमर्माममममम ब्लॉक के लोहरा (गुलरहवा) गांव में किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया,जहां एक बड़ी महासभा में प्रशासन के खिलाफ निर्णायक रणनीति बनाई गई। सोनभद्र जनपद के करमा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा लोहरा (गुलरहवा) में रविवार को बरगद के पेड़ के नीचे किसानों की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले हुई इस 8महासभा में आसपास के गांवों—तकिया,लोहरा और अन्य क्षेत्रों के किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बैठक की अगुवाई कर रहे समिति अध्यक्ष मनोज कुमार कुशवाहा ने साफ कहा कि किसानों की जमीन बिना संतोषजनक मुआवजे और स्पष्ट नीति के नहीं दी जाएगी। किसानों ने बताया कि 25 मार्च 2026 को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन 5 अप्रैल तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला। महासभा में किसानों का आक्रोश साफ नजर आया। वक्ताओं ने कहा कि अगर जल्द ही प्रशासन ने 77 स्थिति स्पष्ट नहीं की,तो किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रशासन को अंतिम मौका दिया जाएगा,लेकिन उसके बाद धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे एक बार फिर जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने की कोशिश करेंगे, लेकिन यदि अनदेखी जारी रही तो आंदोलन तेज किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
“हम अपनी जमीन यूं ही नहीं देंगे, जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक लड़ाई जारी रहेगी।”
बैठक में मनोज कुशवाहा, रेनू सिंह, अजित कुमार, दिनेश कुमार, दयाराम, रविशंकर मौर्य समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की नाराजगी को कितनी गंभीरता से लेता है, क्योंकि आने वाले दिनों में सोनभद्र की जमीन पर संघर्ष और तेज हो सकता है।
रिपोर्टर - कुमधज चौधरी


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