ओबरा महाविद्यालय में नारी शक्ति का प्रदर्शन, मानव श्रृंखला से दिया समान अधिकार का संदेश
सोनभद्र : ओबरा स्थित राजकीय महाविद्यालय में नारी सशक्तिकरण की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जहां “नारी शक्ति वंदन अधिनियम-प्रचार अभियान” के तहत छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाकर समाज को मजबूत संदेश दिया। उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने एक-दूसरे का हाथ थामकर एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई। इस दौरान उन्होंने महिला अधिकार, समान भागीदारी और सम्मान की मांग को बुलंद किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना, शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करना रहा। इस पहल की सराहना करते हुए प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. विभा पाण्डेय ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का मकसद राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और लैंगिक असमानता को समाप्त करना है। वहीं राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर सुभाष राम ने जानकारी दी कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा, राज्यसभा और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित किए जाने का प्रावधान है।डॉ.मीरा यादव ने कहा कि यह कानून केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को लोकतंत्र की मुख्यधारा में लाने का एक सशक्त प्रयास है। इस दौरान महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।ओबरा से यह आयोजन एक बार फिर साबित करता है कि नारी शक्ति अब हर क्षेत्र में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज करा रही है।
रिपोर्टर : कुम्धज चौधरी

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