अच्छी सड़क पर फिर डामरीकरण, ओबरा में उठे भ्रष्टाचार के सवाल
सोनभद्र : नगर पंचायत ओबरा में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा पहले से अच्छी स्थिति में मौजूद सड़क पर दोबारा निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। सुभाष तिराहे से भलुआ टोला बैरियर तक बनी सड़क के पुनः निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इसे सरकारी धन का खुला दुरुपयोग बताया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित सड़क पहले से ही सुचारु और मजबूत स्थिति में थी, ऐसे में उस पर दोबारा डामरीकरण कराना कई सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि यह कार्य बिना जरूरत के कराया गया, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई और इसमें अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
इस मामले को लेकर माननीय प्रभारी मंत्री, सोनभद्र को संबोधित एक शिकायत पत्र भी सौंपा गया है, जिसमें पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों की संलिप्तता सामने आए, उनसे सरकारी धन की वसूली की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि जब सड़क का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा था, तब मौके पर विरोध भी दर्ज कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद काम जारी रखा गया। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर कई सड़कें जर्जर हालत में हैं, वहीं अच्छी सड़क पर दोबारा खर्च करना जनहित के विपरीत है।
नागरिकों ने मांग की है कि ओबरा के डिग्री कॉलेज रोड जैसी खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। उनका कहना है कि अगर संसाधनों का सही उपयोग हो, तो क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान बेहतर तरीके से किया जा सकता है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या वाकई जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
रिपोर्टर : कुम्धज चौधरी


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