ओबरा में मजदूरों का हुंकार—जुलूस से सभा तक गूंजे अधिकारों के स्वर
ओबरा (सोनभद्र) : अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर ओबरा परियोजना क्षेत्र में मजदूर एकता और अधिकारों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। सीटीपीएस गेट से शाम 5:30 बजे हाइड्रोइलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन इंटक शाखा ओबरा के बैनर तले भव्य जुलूस निकाला गया, जो कॉन्वेंट स्कूल होते हुए मुख्य मार्ग से गुजरकर यूनियन कार्यालय पर सभा में तब्दील हो गया। जुलूस का नेतृत्व यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं इंटक सोनभद्र के जिला अध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी ने किया। बड़ी संख्या में शामिल मजदूरों ने “शिकागो के अमर शहीद अमर रहें”, “नोएडा-ग्रेटर नोएडा के मजदूरों को बिना शर्त रिहा करो”, और “₹26,000 न्यूनतम मजदूरी लागू करो” जैसे नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया। सभा को संबोधित करते हुए हरदेवनारायण तिवारी ने 1 मई 1886 के शिकागो मजदूर आंदोलन को याद करते हुए कहा कि शहीदों के संघर्ष की बदौलत आज पूरी दुनिया में 8 घंटे कार्यदिवस लागू हुआ। उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मजदूरों की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने और मुकदमे वापस लेने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि मजदूरों को जीवन यापन योग्य कम से कम ₹26,000 प्रतिमाह मजदूरी मिलनी चाहिए। तिवारी ने आरोप लगाया कि ओबरा परियोजना में मजदूरों का शोषण हो रहा है और उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी समय पर नहीं मिल रही। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मजदूरों को समय पर वेतन, 10 दिन का आकस्मिक अवकाश, चिकित्सा अवकाश, 15 दिन का अर्जित अवकाश और बोनस सुनिश्चित करने की मांग की।
इंटक के जिला उपाध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बृजेश तिवारी ने भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजदूरी ₹26,000 नहीं की गई तो आंदोलन और तेज होगा।
सभा की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष चंद्र विजय चंद्रा ने की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उत्तम कुमार मिश्रा, कामरेड लालचंद, शमीम अख्तर खान, मुन्ना खान, गया प्रसाद, उमेश कुमार, राजेश, दिलीप कुमार सिंह सहित कई मजदूर नेताओं और बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया। अंत में मजदूर एकता और अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ सभा का समापन हुआ।
रिपोर्टर : कुम्धज चौधरी

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