“कलम की ताकत, मुद्दों की चोट: पत्रकारों ने DM दरबार में खोली समस्याओं की फाइल”
सोनभद्र : जनसमस्याओं की फाइल जब कलम के सिपाहियों ने खुद उठाई, तो मुद्दे सीधे जिलाधिकारी के दरबार तक पहुंच गए। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की जिला इकाई ने नवनियुक्त जिलाधिकारी से मुलाकात कर एक ऐसा ज्ञापन सौंपा, जिसमें सड़क से लेकर स्वास्थ्य और पत्रकार सुरक्षा तक के मुद्दों की पूरी “चार्जशीट” पेश कर दी गई।जिला अध्यक्ष संतोष साहनी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने पहले डीएम को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी, फिर बिना वक्त गंवाए जनपद की जमीनी हकीकत सामने रख दी। ज्ञापन में साफ कहा गया कि अगर इन समस्याओं पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
सबसे पहले बात हुई उन सड़कों की, जो अब सड़क कम और जोखिम ज्यादा बन चुकी हैं। बग्गा नाला से शारदा मंदिर मार्ग पर बिखरी गिट्टी और पत्थर हादसों को न्योता दे रहे हैं। पत्रकारों ने मांग की कि इनकी तुरंत सफाई हो और धूल से राहत के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए। साथ ही बंद पड़ी रोड लाइटों को चालू करने की भी जोरदार मांग उठी।
मामला सिर्फ सड़क तक नहीं रुका। ओबरा नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण के लिए स्थायी लैंडफिल साइट की जरूरत को प्रमुखता से उठाया गया, ताकि शहर कूड़े के ढेर में तब्दील न हो। वहीं डाला सलई बनवा स्थित शिव-पार्वती मंदिर मार्ग के जीर्णोद्धार और ओबरा-डाला रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण को जनहित में बेहद जरूरी बताया गया।चोपन पुल मार्ग पर अंधेरे की समस्या को भी उजागर करते हुए स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई। ग्रामीण इलाकों में “हर घर नल योजना” के तहत नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की बात भी मजबूती से रखी गई।
लेकिन इस ज्ञापन की खास बात सिर्फ जनसमस्याएं नहीं थीं—इसमें पत्रकारों के हितों की आवाज भी उतनी ही बुलंद थी। परिषद ने मांग की कि सूचना विभाग से पंजीकृत पत्रकारों को सभी टोल प्लाजा पर निःशुल्क आवागमन की सुविधा मिले। साथ ही कवरेज के दौरान जोखिमों को देखते हुए पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।इस मौके पर संगठन के संरक्षक रंगेश सिंह, प्रभारी अजीत सिंह, महासचिव अनुज जायसवाल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि अब उम्मीद सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की है।
अब देखना दिलचस्प होगा—क्या यह ज्ञापन फाइलों में दब जाएगा, या सच में जमीनी बदलाव की शुरुआत करेगा?
रिपोर्टर - कुम्धज चौधरी

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