आदिवासियों की बदहाली और भ्रष्टाचार का मुद्दा मंडलायुक्त दरबार पहुंचा

सोनभद्र - जनपद के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में व्याप्त बुनियादी सुविधाओं की कमी और राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने विंध्याचल मंडलायुक्त को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में जुगैल और खरहरा ग्राम पंचायतों की बिजली, पानी, सड़क, आवास और राजस्व संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि जुगैल के झरपिया और खरहरा के एक टोले में आजादी के दशकों बाद भी बिजली के खंभे तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे दर्जनों आदिवासी परिवार अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। वहीं जुगैल के जोरबा टोले में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति न होने से ग्रामीणों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि पहली ही बारिश में सड़कें बह गईं, जबकि कई टोलों में आज भी सड़क और खड़ंजा नहीं है। जुगैल के परजिदहिया में एक वर्ष से अधूरी पड़ी नाली को भी दुर्घटना का कारण बताया गया। राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि चकबंदी प्रपत्र-5, वरासत और दाखिल-खारिज के नाम पर लेखपाल, कानूनगो और अन्य अधिकारियों द्वारा कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही आदिवासियों की असंक्रमणीय भूमि को नियमानुसार संक्रमणीय किए जाने की मांग भी उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित गरीब, विधवा और दिव्यांग परिवारों को आवास उपलब्ध कराने तथा पात्र आदिवासी परिवारों एवं पत्रकारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की भी मांग की। मंडलायुक्त ने ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ज्ञापन सौंपने वालों में संतोष साहनी, अजीत प्रताप सिंह, विकास अग्रहरि, कामेश्वर विश्वकर्मा, मुकेश भारती, अजयन्त सिंह और बजरंगी कुमार मिश्रा सहित अन्य लोग शामिल रहे।

 

रिपोर्टर - कुम्धज  चौधरी

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.