राम-सीता विवाह प्रसंग से गूंजा मेड़र माता मंदिर, भक्ति में सराबोर हुए श्रद्धालु

सोनभद्र : चोपन स्थित मेड़र माता मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने जैसे ही राम-सीता विवाह की कथा सुनाई, पूरा पंडाल मंगलगीतों और "जय श्रीराम" के जयघोष से गूंज उठा। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने बताया कि मिथिला नरेश राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का दिव्य धनुष रखा हुआ था। एक दिन माता सीता ने घर की सफाई करते समय सहज भाव से उस धनुष को उठाकर दूसरी जगह रख दिया। यह देखकर राजा जनक आश्चर्यचकित रह गए, क्योंकि उस धनुष को कोई भी नहीं उठा पाता था। तभी उन्होंने संकल्प लिया कि जो वीर इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी के साथ माता सीता का विवाह करेंगे। स्वयंवर में देश-विदेश से आए अनेक राजा-महाराजा और पराक्रमी योद्धा शिव धनुष उठाने में असफल रहे। इसके बाद गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने सहजता से धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाने लगे। उसी दौरान धनुष भंग हो गया। इसके पश्चात माता सीता ने भगवान श्रीराम को वरमाला पहनाई और देवताओं ने पुष्पवर्षा कर इस दिव्य विवाह का स्वागत किया। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में डूब गए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम में आयोजक शिवकुमार पहाड़ी बाबा सहित संरक्षक राजा मिश्रा, नागेश्वर सिंह गौड़, सुनील सिंह, श्यामाचरण गिरी, संतोष साहनी, राजकुमार यादव (पप्पू), अजय साहनी,महेंद्र गोंड, राजेंद्र, संदीप, अनिल चौरसिया, रमाशंकर निषाद, श्रवण सहित चोपन और जनपद सोनभद्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 रिपोर्टर : कुम्धज चौधरी

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