सोनभद्र कांग्रेस में नए जिलाध्यक्ष की तलाश तेज, 8 सितंबर तक हो सकता है ऐलान
ओबरा/सोनभद्र : कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत सोनभद्र में नए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार को ओबरा स्थित मानस भवन में एआईसीसी पर्यवेक्षक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अली मेहंदी, पीसीसी पर्यवेक्षक भगवती प्रसाद चौधरी और राजेश साहनी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला संगठन और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर नए जिलाध्यक्ष को लेकर फीडबैक लिया।
इस दौरान पर्यवेक्षकों ने कार्यकर्ताओं से संगठन की जमीनी स्थिति, सक्रियता और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर सीधे संवाद किया। साथ ही संभावित जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर वन-टू-वन बातचीत के जरिए राय जानी गई।
प्रेस वार्ता में संगठन सृजन अभियान की जानकारी
पर्यवेक्षक अली मेहंदी वरिष्ठ कांग्रेस नेता ईश्वर नारायण सिंह के आवास पर भी पहुंचे। इसके बाद उन्होंने प्रेस वार्ता कर संगठन सृजन अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है।पर्यवेक्षकों के मुताबिक जिले में जिला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने के सुझाव लिए जा रहे हैं। वन-टू-वन संवाद से तैयार होगा नामों का पैनल नए जिलाध्यक्ष के चयन में कार्यकर्ताओं की राय को अहम आधार बनाया जा रहा है। युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से भी संभावित नामों को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है।
प्राप्त सुझावों के आधार पर जिला अध्यक्ष पद के लिए योग्य नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद पैनल को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा। कांग्रेस नेताओं के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 8 सितंबर तक सोनभद्र के नए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के नाम की घोषणा किए जाने की संभावना है।
किसके हाथों में जाएगी संगठन की कमान?
नए जिलाध्यक्ष के चयन में संगठन के प्रति समर्पण, कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर संवाद, जमीनी सक्रियता, सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की क्षमता और जिले में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की योग्यता को प्रमुख आधार माना जा रहा है। प्रेस वार्ता से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआईसीसी पर्यवेक्षक अली मेहंदी का माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन के भविष्य को लेकर सुझाव लिए गए। इस दौरान जिला अध्यक्ष रामराज सिंह गोंड, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ईश्वरी नारायण सिंह, जिला उपाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, राकेश मिश्रा, पूर्व एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र नारायण तिवारी, शहर अध्यक्ष हाजी फरीद अहमद, पूर्व प्रदेश सचिव कमलेश ओझा, ओबरा नगर अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष बृजेश तिवारी, अशोक राय, सुशील सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यूपी की सियासत में संगठन सृजन अभियान क्यों अहम?
उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान सिर्फ जिलाध्यक्षों की नियुक्ति तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पार्टी के सामने बूथ, ब्लॉक और विधानसभा स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की चुनौती है। ऐसे में कार्यकर्ताओं से सीधे फीडबैक लेकर स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
सोनभद्र जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्र वाले जिले में कांग्रेस के लिए जमीनी नेटवर्क को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में नए जिलाध्यक्ष के सामने संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा पैदा करने की भी चुनौती होगी।
नए जिलाध्यक्ष के सामने होंगी कई चुनौतियां
नए जिलाध्यक्ष को निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को दोबारा सक्रिय करने, युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने, विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ाने और आगामी चुनावी परिस्थितियों को देखते हुए मजबूत जमीनी नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।फिलहाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में नए जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पर्यवेक्षकों के फीडबैक और तैयार होने वाले नामों के पैनल पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अब देखना होगा कि 8 सितंबर तक कांग्रेस सोनभद्र में संगठन की कमान किस चेहरे को सौंपती है।
रिपोर्टर - कुम्धज चौधरी
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