'अयोध्या-काशी के बाद अब लखनऊ भी बदला': MLC नतीजों पर सपा का बड़ा प्रहार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर आए नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के हौसले बुलंद हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए इन नतीजों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता परिवर्तन का बड़ा संकेत करार दिया है। सपा नेताओं का दावा है कि पढ़े-लिखे शिक्षकों और स्नातकों ने बीजेपी के पूरे चुनावी मॉडल को खारिज कर दिया है।

"जनता के भविष्य से खिलवाड़ का मिला जवाब"—आशुतोष वर्मा

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अयोध्या तो बस झांकी थी, मथुरा-काशी अभी बाकी थी—और अब इस फेहरिस्त में लखनऊ भी शामिल हो गया है। यह अकेला वाक्य इस एमएलसी चुनाव का पूरा निचोड़ है।" उन्होंने कहा कि जहां देश के सबसे शिक्षित मतदाता—स्नातक और शिक्षक—वोट डालते हैं, वहां उन्होंने बीजेपी के अयोध्या, काशी, मथुरा और लखनऊ मॉडल को पूरी तरह से नकार दिया है।

डिंपल यादव का दावा: PDA की ताकत से बनेगी पूर्ण बहुमत की सरकार

सपा सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर कहा कि 5 सीटों पर मिली यह जीत 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन की बढ़ती ताकत और समाज के शोषित-वंचित वर्गों के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि इस जीत ने 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। वहीं सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि पूरे देश में यह संदेश चला गया है कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में चुनाव हार चुकी है।

2027 के लिए सपा-कांग्रेस रणनीति पर राजीव राय का बयान

दिल्ली में 2027 की चुनावी तैयारियों पर बोलते हुए सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि 2024 के लोकसभा नतीजों को आधार बनाकर पार्टी आगे बढ़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सपा और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जल्द ही सीटों और रणनीति पर अंतिम फैसला लेगा, जिसके बाद जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता बीजेपी के अहंकारी शासन को उखाड़ फेंकने के लिए उतरेंगे।

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