डायबिटीज के मरीज जरूर पढ़े स्टीविया का पौधा उगाने का तरीका...
डायबिटीज के मरीजों को अक्सर मीठा खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है, जिसके कारण लोग चीनी के स्वस्थ विकल्पों की तलाश करते हैं। ऐसे में स्टीविया (Stevia) एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यह एक ऐसा अनोखा पौधा है जिसकी पत्तियां प्राकृतिक रूप से बहुत मीठी होती हैं और इसमें कैलोरी न के बराबर होती है। यही वजह है कि सेहत के प्रति जागरूक लोगों के बीच हाल के वर्षों में घरों की बालकनी या गार्डन में स्टीविया का पौधा उगाने का चलन तेजी से बढ़ा है।
पौधा लगाने के लिए सही जगह और मिट्टी का चयन
स्टीविया का पौधा लगाने के लिए घर में एक ऐसी जगह का चुनाव करें जहाँ रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की अच्छी धूप आती हो। इसे आप अपनी सुविधा के अनुसार गमले में या सीधे जमीन पर लगा सकते हैं। इसके लिए मिट्टी का भुरभुरा और अच्छी जल निकासी वाला होना बेहद जरूरी है। पौधा रोपते समय सामान्य गार्डन की मिट्टी में थोड़ी मात्रा में कम्पोस्ट या कोई भी जैविक खाद मिला लें, जिससे पौधे को शुरुआती पोषण मिल सके।
सिंचाई का सही तरीका और पानी का संतुलन
पौधा लगाने के बाद इसमें नियमित रूप से हल्का पानी देना चाहिए। स्टीविया के मामले में इस बात का खास ध्यान रखें कि मिट्टी पूरी तरह सूखने न पाए, लेकिन उसमें पानी जमा भी नहीं होना चाहिए। गमले में ज्यादा नमी या जलभराव होने से इसकी जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है। इसलिए गर्मियों के मौसम में जरूरत के अनुसार थोड़ा ज्यादा पानी दें, जबकि ठंड के दिनों में सिंचाई की मात्रा कम कर दें।
पौधे की देखभाल और पत्तियों का उपयोग
स्टीविया की अच्छी बढ़वार के लिए हर कुछ हफ्तों में थोड़ी जैविक खाद डालना बहुत फायदेमंद रहता है। इसके साथ ही, समय-समय पर पौधे की सूखी या कमजोर टहनियों की छंटाई करते रहें, जिससे पौधा ज्यादा घना और स्वस्थ बना रहता है। सही देखभाल मिलने पर कुछ ही महीनों में इसकी पत्तियां तोड़ने लायक हो जाती हैं। इन पत्तियों को आप ताजा या सुखाकर पाउडर के रूप में चाय, कॉफी, हर्बल ड्रिंक और अन्य घरेलू पकवानों में मिठास के लिए आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।
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