चीनी की कीमतों पर राहत की उम्मीद, ISMA ने बताई असली वजह
देश में चीनी के बढ़ते दामों के बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का कहना है कि बाजार में चीनी की वास्तविक कमी नहीं है। संगठन को उम्मीद है कि आने वाले समय में आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने के साथ खुदरा कीमतों में भी नरमी देखने को मिल सकती है।

ISMA अध्यक्ष नीरज शिरगाओकर के मुताबिक, हालिया तेजी का संबंध केवल उत्पादन से नहीं है। बाजार में कारोबारियों की ओर से अधिक मात्रा में स्टॉक रखने और कीमतों को लेकर बनी अटकलों ने भी स्थिति को प्रभावित किया। बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण होने से खुले बाजार में उपलब्धता कम दिखाई दी, जिसका असर कीमतों पर पड़ा।
इसके अलावा, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने गन्ने की पैदावार को प्रभावित किया। कम बारिश और कुछ इलाकों में अत्यधिक गर्मी जैसी परिस्थितियों के कारण गन्ने की उपलब्धता पर दबाव आया। नतीजतन, कई मिलों के लिए पर्याप्त कच्चा माल जुटाना चुनौतीपूर्ण रहा और चीनी उत्पादन उम्मीद के मुकाबले कम रहा।

हालांकि, ISMA का मानना है कि मौजूदा स्थिति स्थायी नहीं है। जैसे-जैसे बाजार में स्टॉक की उपलब्धता बेहतर होगी और जमाखोरी या सट्टेबाजी का असर कम होगा, वैसे-वैसे कीमतों पर दबाव घट सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं को चीनी के दाम में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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