त्योहारी सीजन में सस्ती हो सकती है चीनी! बाजार में उतारी जाएगी 2.5 लाख टन अतिरिक्त सप्लाई

त्योहारी मौसम शुरू होते ही मिठाइयों और अन्य पकवानों में चीनी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में अगर चीनी महंगी हो जाए तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ता है। पिछले कुछ समय से बढ़ी कीमतों ने भी उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ाई है। हालांकि, अब बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त चीनी उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

बाजार में उतारी जाएगी 2.5 लाख टन चीनी

चीनी की कीमतों में तेजी को देखते हुए रिफाइनरियों ने घरेलू सप्लाई बढ़ाने का फैसला किया है। श्री रेणुका शुगर्स के एमडी और सीईओ सुशील कुमार के मुताबिक, भारतीय शुगर रिफाइनरियां घरेलू बाजार में लगभग 2.5 लाख टन चीनी जारी करने की योजना बना रही हैं।

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इस अतिरिक्त स्टॉक के बाजार में आने से सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी और कीमतों पर भी दबाव कम हो सकता है।

त्योहारी मांग को देखते हुए बढ़ाई जा रही सप्लाई

त्योहारों के दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। मिठाई बनाने से लेकर घरों में होने वाली अन्य तैयारियों तक, इस दौरान इसकी मांग बनी रहती है। ऐसे में सरकार और चीनी उद्योग की कोशिश है कि बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और अचानक कीमतों में बड़ी तेजी न आए।

हालांकि, हाल के दिनों में खुदरा बाजार में चीनी के औसत दाम कुछ नीचे आए हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, औसत खुदरा कीमत 65.08 रुपये प्रति किलो से घटकर 62.57 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी।

थोक और खुदरा कीमतों में बड़ा अंतर

चीनी की कीमतों में गिरावट का असर मिल स्तर पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक्स-मिल कीमतों में करीब 17 से 20 रुपये प्रति किलो तक की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद इस गिरावट का पूरा फायदा आम ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाया है।

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स्थानीय किराना दुकानों पर उपभोक्ताओं को चीनी की कीमत में फिलहाल करीब 2 से 3 रुपये प्रति किलो की ही कमी महसूस हो रही है। यही वजह है कि थोक बाजार में कीमतें नीचे आने के बावजूद खुदरा ग्राहकों को बड़ी राहत का इंतजार है।

अब 2.5 लाख टन अतिरिक्त चीनी बाजार में आने के बाद तस्वीर कितनी बदलती है, इस पर सभी की नजर है। अगर सप्लाई बढ़ने के साथ खुदरा कीमतों में भी कमी आती है, तो त्योहारी सीजन में आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है।

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