खालिसपुर डिंगूर में अंधेरा, 10 लाख की लाइट परियोजना ध्वस्त

सुल्तानपुर : खालिसपुर डिंगूर गोदिमीय अम्बेडकर मूर्ति के पास गांव की पोल लाइटें विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर रही हैं। लगभग 10 लाख रुपये की लागत से जिला पंचायत सदस्य सुग्रीव द्वारा लगवाए गए 8 पोल लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये लाइटें कुछ समय तक जुगाड़ से किसी तरह जलती रहीं, लेकिन अब पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।

शिकायतें अनसुनी

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद न तो ठेका एजेंसी ने सुध ली और न ही पंचायत प्रशासन ने। गारंटी अवधि होने के बावजूद अब तक मरम्मत न होना लापरवाही ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है।

ग्रामीणों की चिंता

अंधेरे में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। आवागमन में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। वहीं, डेंगू व मच्छरजनित बीमारियों के खतरे के बीच गांव का अंधेरा हालात को और भी भयावह बना रहा है।

बड़ा सवाल – जिम्मेदार कौन?

गांव के लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब योजना अब भी गारंटी में है तो जिम्मेदारी तय करने में देर क्यों?

क्या दोष ठेकेदार का है?

पंचायत प्रशासन की लापरवाही है?

या फिर दोनों की मिलीभगत है?

10 लाख की परियोजना आखिर किसके भरोसे छोड़ी गई?

कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल लाइटों की मरम्मत कराने, दोषी एजेंसी पर दंडात्मक कार्रवाई करने और जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

जिला पंचायत सदस्य का बयान

इस मुद्दे पर जब मीडिया ने जिला पंचायत सदस्य सुग्रीव से बात की, तो उन्होंने कहा–
"इस मामले की शिकायत मैंने भी की है, लेकिन अब तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगली जिला पंचायत बैठक में इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाया जाएगा।"

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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