हाईवे पर मौत का फर्राटा प्रतिबंधित ई-रिक्शा बना जानलेवा हादसे की वजह

सुल्तानपुर : सुल्तानपुर जनपद में एक बार फिर नेशनल हाईवे पर प्रतिबंधित ई-रिक्शा की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मनगढ़ से दर्शन कर लौट रहा एक परिवार उस समय दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेशनल हाईवे पर अचानक सामने आ गए एक ई-रिक्शा को बचाने के प्रयास में कार चालक का संतुलन बिगड़ गया। कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर सड़क किनारे गुजर रहे एक ट्रक में रखे लोहे के एंगल से जा भिड़ी। तेज रफ्तार और लोहे के एंगल की चपेट में आने से कार सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह दर्दनाक हादसा कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के कामतागंज से बाजार मार्ग के पास हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन द्वारा रोक के बावजूद अलीगंज से लेकर लंभुआ तक नेशनल हाईवे पर ई-रिक्शा धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, अमहट से रायबरेली रोड तक भी ई-रिक्शाओं की भरमार बनी हुई है, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा मंडराता रहता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बीते एक वर्ष में हाईवे पर चलने वाले ई-रिक्शाओं के कारण कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग भले ही सड़क सुरक्षा अभियान चलाने के दावे करते हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन अभियानों को खुलेआम धता बताया जा रहा है। सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा नेशनल हाईवे पर फर्राटा भर रहे हैं और बड़ी-बड़ी दुर्घटनाओं की वजह बनते जा रहे हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक प्रतिबंधित ई-रिक्शा हाईवे पर लोगों की जान से खेलते रहेंगे? क्या इस हादसे के बाद प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर सड़क सुरक्षा अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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