चार जिलों की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
सुल्तानपुर : के अखंडनगर थाना क्षेत्र के चांदीपुर गांव में तेंदुआ देखे जाने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। बीते दिन शाम से ही लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
इस दौरान अफरा-तफरी और भय के माहौल में कुछ ग्रामीणों द्वारा तेंदुए की पिटाई किए जाने की भी बात सामने आई, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों और वन कर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित कर तेंदुए को किसी बड़े नुकसान से बचाया।
चार जिलों की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
रेस्क्यू अभियान में डीएफओ सुल्तानपुर, रेंजर कादीपुर, डिप्टी रेंजर धीरेंद्र कुमार यादव (लंभुआ), बृजेश कुमार यादव (सदर), एसडीओ अंजनी कुमार श्रीवास्तव, सीएफ समीर कुमार, अखंडनगर वन दरोगा राकेश चौहान, करौंदीकला वन दरोगा संतोष कुमार तिवारी सहित वन विभाग के अनेक अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। सुल्तानपुर, अयोध्या मंडल, लखनऊ और अंबेडकरनगर से आई वन विभाग की टीमों के लगभग 100 कर्मचारी तैनात किए गए।
ड्रोन और जेसीबी से निगरानी, रात में बदला ठिकाना
तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए प्राणी उद्यान गोरखपुर से डॉ. योगेश के नेतृत्व में विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम बुलाई गई। ड्रोन कैमरों और जेसीबी मशीन की मदद से इलाके की निगरानी की गई, लेकिन रात के अंधेरे में तेंदुआ लगातार स्थान बदलता रहा।
रात करीब 10:22 बजे तेंदुआ नाला पार कर अंबेडकरनगर जनपद के महेशपुर गांव में पहुंच गया, जहां भगदड़ के दौरान आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा घेरा और सख्त कर दिया।
19 घंटे बाद मिली सफलता
लगातार प्रयास, तकनीकी निगरानी और टीमवर्क के चलते करीब 18–19 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को सुरक्षित रूप से काबू में कर पिंजरे में बंद कर लिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने के साथ ही पूरे क्षेत्र में फैली दहशत खत्म हो गई और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
अधिकारियों की सराहना, संयम की अपील
रेस्क्यू अभियान की सफलता पर ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस प्रशासन की जमकर सराहना की। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि भविष्य में किसी भी वन्यजीव के दिखने पर कानून हाथ में न लें, बल्कि तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना दें, ताकि जनहानि और वन्यजीवों को नुकसान से बचाया जा सके
रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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