जिम्मेदारों की शह पर एक और निजी कर्मी की कराई गई नई आमद
सुलतानपुर - बल्दीराय तहसील कार्यालय का हाल इन दिनों बेहद चिंताजनक बना हुआ है। तहसील में प्राइवेट कर्मियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इन निजी कर्मियों की मनमानी से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील के आरके कार्यालय में पहले से ही प्राइवेट कर्मी जगराम यादव तैनात है, जो आर-6 जैसे महत्वपूर्ण राजस्व रजिस्टरों में अंकन का कार्य देखता है। अधिवक्ताओं और आमजन द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद उक्त कर्मी को हटाया नहीं गया। हैरानी की बात यह है कि इसी निजी कर्मी की शह पर जिम्मेदारों ने एक और नए प्राइवेट कर्मी की तैनाती कर दी है, जिससे तहसील कार्यालय की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यही नहीं,तहसील के कई अन्य कार्यालयों में भी नियमों को दरकिनार कर प्राइवेट कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि शासनादेश के अनुसार राजस्व कार्य केवल अधिकृत कर्मचारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए।
सुविधा शुल्क से चल रही प्राईवेट कर्मी की रोजी-रोटी
सूत्रों के अनुसार,तहसील में कार्यरत इन प्राइवेट कर्मियों का कोई आधिकारिक वेतन नहीं है। रोजाना किए जाने वाले कार्यों के बदले आमजन से वसूला जाने वाला तथाकथित “सुविधा शुल्क” ही इनकी आमदनी का मुख्य स्रोत है। इससे यह स्पष्ट होता है कि तहसील कार्यालय में काम कराने के नाम पर अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। बल्दीराय तहसील के अधिवक्ताओं व क्षेत्र की जनता ने प्राइवेट कर्मियों को हटाने को लेकर उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत भी की थी,लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस पूरे मामले पर आंख मूंदे बैठे रहेंगे।
रिपोर्टर - जगन्नाथ मिश्र

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