शीर्षक: 10 लाख की 8 पोल लाइटें एक साल से बंद, अंधेरे में डूबा गांव; जिला पंचायत अध्यक्ष से शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, ग्रामीण भड़के
सुल्तानपुर : जनपद सुल्तानपुर के दोस्तपुर क्षेत्र के खालिसपुर डिंगूर गोदिमीय गांव में अम्बेडकर मूर्ति के पास करीब 10 लाख रुपये की लागत से लगवाई गई 8 पोल लाइटें पिछले एक वर्ष से पूरी तरह बंद पड़ी हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव आज भी अंधेरे में डूबा हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
उद्घाटन के समय जनप्रतिनिधियों ने विकास के बड़े-बड़े दावे किए थे। गांववासियों को उम्मीद थी कि अब क्षेत्र जगमगाएगा और सुरक्षा की स्थिति बेहतर होगी। लेकिन कुछ ही हफ्तों में लाइटें एक-एक कर बुझती चली गईं और देखते ही देखते सभी पोल लाइटें बंद हो गईं। पूरे एक साल से गांव अंधेरे में है, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी।
जिला पंचायत अध्यक्ष से कई बार शिकायत, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जिला पंचायत अध्यक्ष से लिखित और मौखिक शिकायत की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। शिकायतों के बावजूद लाइटों की मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अंधेरे में बढ़ा भय, महिलाएं और बच्चे परेशान
रात होते ही गांव की मुख्य सड़क और सार्वजनिक स्थल अंधेरे में डूब जाते हैं। महिलाएं और बच्चे बाहर निकलने से कतराते हैं। बुजुर्गों का कहना है कि अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है। गांववासियों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल पा रही है।
गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि काम सही ढंग से हुआ होता तो लाइटें इतनी जल्दी खराब नहीं होतीं। उनका कहना है कि यह “कागजी विकास” का उदाहरण है, जहां फाइलों में सब कुछ ठीक दिखाया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और होती है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
गांववासियों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही लाइटें दुरुस्त नहीं कराई गईं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों में गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है और अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।
एक साल से अंधेरे में डूबे गांव के लोग अब जवाब और कार्रवाई दोनों चाहते हैं
रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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