सरकार के सख्त निर्देश के बावजूद अधूरा काम, अखंडनगर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही से ग्रामीणों में रोष
सुल्तानपुर : जनपद सुल्तानपुर के विकासखंड क्षेत्र अखंड नगर अंतर्गत ग्राम भेलारा में बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार द्वारा प्रदेश भर में जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने, झूलते तारों को मानक ऊंचाई पर स्थापित करने और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद यहां स्थिति जस की तस बनी हुई है।
50 वर्षों पुरानी लाइन, जगह-जगह जोड़ और खतरनाक हालात
भेलारा गांव में 100 केवी ट्रांसफार्मर से निकलने वाली एल.टी. लाइन के तार दो खंभों के बीच इस तरह झूल रहे हैं मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों। ग्रामीणों का कहना है कि यह लाइन लगभग 40–50 वर्ष पुरानी है और आज तक पूरी तरह बदली नहीं गई। कई स्थानों पर तार टूटने के बाद अस्थायी जोड़ लगाकर आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे लाइन और अधिक कमजोर हो चुकी है।
तार जमीन से महज 10 से 12 फुट की ऊंचाई पर लटके हैं, जो सुरक्षा मानकों के विपरीत है। खेतों और रास्तों के ऊपर से गुजरती यह लाइन कभी भी तेज हवा या बारिश में शॉर्ट सर्किट कर सकती है।
पकी फसल पर मंडराता संकट
इस समय गांव के किसानों की गेहूं की फसल पककर तैयार है। ऐसे में यदि लटकते तारों में चिंगारी या स्पार्किंग हुई और तार खेत में गिर गए, तो आग लगने की पूरी आशंका है। किसानों की सालभर की मेहनत पल भर में राख हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि वे हर दिन भय के साए में जी रहे हैं।
सरकार के आदेश के बाद भी अधूरा कार्य
प्रदेश सरकार द्वारा जर्जर लाइनों को बदलने और विद्युत ढांचे को मजबूत करने के लिए अभियान चलाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि जहां-जहां पुरानी लाइनें हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। लेकिन भेलारा गांव में यह आदेश कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पवई और अखंडनगर फीडर पर शिकायत दर्ज कराई गई, संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो लाइन बदली गई और न ही झूलते तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर किया गया।
जान और माल दोनों खतरे में
यह मामला केवल फसल तक सीमित नहीं है। गांव के बच्चे, महिलाएं और राहगीर रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं। कम ऊंचाई पर लटकते तार कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। यदि करंट प्रवाहित तार टूटकर गिर गया, तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण
बिजली विभाग की कथित लापरवाही और उदासीन रवैये से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही तारों को बदला नहीं गया और मानक के अनुसार नई लाइन नहीं डाली गई, तो वे सामूहिक धरना-प्रदर्शन करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
जर्जर और 50 वर्ष पुरानी एल.टी. लाइन को तत्काल बदला जाए
झूलते तारों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ऊंचाई पर स्थापित किया जाए
ट्रांसफार्मर और फीडर की तकनीकी जांच कराई जाए
भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए
अब देखना यह है कि प्रशासन और बिजली विभाग इस गंभीर और संभावित खतरनाक स्थिति को कितनी गंभीरता से लेते हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है
रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

No Previous Comments found.