मुरैनी पंचायत में विकास विवाद: लाखों खर्च के बावजूद अधूरे खेल मैदान

सुल्तानपुर : जनपद के दोस्तपुर विकासखंड की मुरैनी ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामवासियों का आरोप है कि कई योजनाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन अधिकांश कार्य अधूरे, टूटे-फूटे और केवल दिखावे के लिए किए गए प्रतीत हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार लगातार गांवों के विकास के लिए योजनाएं चला रही है और बजट भी जारी कर रही है। लेकिन जब जमीनी स्तर पर काम सही तरीके से नहीं हो रहे हैं, तो यह सवाल उठता है कि सरकार की निगरानी, स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही कहां है।
स्थानीय ग्रामवासी जितेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया गया। शिकायत में वर्ष 2021 से 2025 के बीच ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया। इसके बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए।
5 मार्च 2026 को डीसी एनआरएलएम की टीम मुरैनी ग्राम पंचायत पहुंची और गांव में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई योजनाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि कई कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाए गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत बेहद खराब है।
ग्रामीणों के अनुसार, खेल मैदान पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जमीन असमतल पाई गई। न मिट्टी सही ढंग से भरी गई, न लेवलिंग या घास की व्यवस्था हुई, जिससे बच्चों और युवाओं के लिए खेलकूद की सुविधा बाधित हो रही है।
वहीं, गांव में बनाए जा रहे बारात घर का निर्माण अधूरा पड़ा है। भवन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और यह अभी तक पूरी तरह उपयोग के लिए तैयार नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई शौचालय अधूरे और टूटे-फूटे हैं। कई स्थानों पर निर्माण तो दिखाया गया, लेकिन वे उपयोग के योग्य नहीं हैं। इससे स्वच्छता योजनाओं पर भी सवाल उठते हैं।
अमृत सरोवर और अन्य विकास योजनाओं में भी केवल दिखावा किया गया। कागजों में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि जमीन पर वास्तविक स्थिति इससे अलग है।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सचिन, पंचायत सचिव और विकासखंड स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने सरकार की निगरानी और बजट प्रवाह की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन नहीं होगा, तो ग्रामीणों को विकास का वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा।
शिकायतकर्ता जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार गांवों के विकास के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन उनका सही क्रियान्वयन न होने पर ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में वास्तविक विकास कार्य हो सकें।

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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