हाइवे बना ‘खून का रास्ता’! दिनदहाड़े ट्रक चालक की हत्या, चार दिन बाद भी पुलिस बेबस

सुलतानपुर :  जनपद में कानून-व्यवस्था की स्थिति एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गई है। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब हाइवे भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। ताजा मामला दिनदहाड़े एक ट्रक चालक की निर्मम हत्या का है, जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार प्रयागराज निवासी एक ट्रक चालक सुलतानपुर जनपद से गुजर रहा था, तभी अज्ञात बदमाशों ने हाइवे पर ही उसकी हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्यारों ने चालक को उसी के ट्रक के अंदर मौत के घाट उतार दिया, लेकिन इस पूरी घटना की भनक तक स्थानीय पुलिस को नहीं लगी। घटना का खुलासा तब हुआ जब ट्रक मालिक को चालक से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद उसने जीपीएस सिस्टम के माध्यम से ट्रक की लोकेशन ट्रैक की और सीधे सुलतानपुर पहुंच गया। मौके पर पहुंचकर जब उसने ट्रक की स्थिति देखी तो उसके होश उड़ गए—ट्रक के अंदर चालक का शव पड़ा था। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी, तब जाकर पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। इस घटना ने हाइवे पर तैनात पुलिस चौकियों, पीआरवी और गश्ती व्यवस्था की पोल खोल दी है। पुलिस लगातार गश्त और निगरानी के दावे करती है, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने उन दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उस समय पुलिस कहां थी, जब इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया जा रहा था। वहीं नगर कोतवाल की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। उन पर पहले से ही मुकदमे की धमकी देने जैसे आरोप लगते रहे हैं, और अब इस गंभीर हत्या मामले में भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही कोई ठोस सुराग सामने आया है। पुलिस के मुखबिर तंत्र और जांच प्रणाली इस मामले में पूरी तरह फेल नजर आ रही है। अखंडनगर कांड जैसे मामलों में जहां तत्काल कार्रवाई देखने को मिली थी, वहीं इस मामले में अब तक निलंबन या विभागीय जांच जैसे कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर और भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरी घटना के बाद आम जनता में डर और आक्रोश का माहौल है। लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब हाइवे पर भी सुरक्षा नहीं है, तो आखिर सुरक्षित जगह कहां है?

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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