विधायक राजेश गौतम के नेतृत्व में कादीपुर में महाराणा प्रताप जयंती पर भव्य आयोजन

सुल्तानपुर : जनपद के कादीपुर जूनियर हाई स्कूल परिसर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में कादीपुर विधायक राजेश गौतम का प्रभाव और जनसमर्थन साफ तौर पर देखने को मिला। महाराणा प्रताप की प्रतिमा के भव्य अनावरण समारोह में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष और वीरता पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था। उनके पिता महाराणा उदय सिंह और माता रानी जयवंता बाई थीं। महाराणा प्रताप बचपन से ही साहसी, स्वाभिमानी और पराक्रमी थे। उन्हें घुड़सवारी, युद्धकला और शस्त्र संचालन में विशेष दक्षता प्राप्त थी। उन्होंने कभी भी मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
वक्ताओं ने कहा कि सन् 1576 का हल्दीघाटी युद्ध महाराणा प्रताप की वीरता और साहस का सबसे बड़ा उदाहरण है। इस युद्ध में उन्होंने अपनी छोटी सेना के साथ मुगल सेना का डटकर सामना किया। उनका प्रिय घोड़ा चेतक भी स्वामीभक्ति का अद्भुत प्रतीक माना जाता है। कठिन परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने जंगलों और पहाड़ों में रहकर संघर्ष जारी रखा लेकिन अपने स्वाभिमान और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया। उनका जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की अमर प्रेरणा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह रहे। मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप भारत की आन-बान और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ा, उसी तरह युवाओं को भी राष्ट्र और समाज के लिए समर्पण भाव से कार्य करना चाहिए। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इतिहास में महाराणा प्रताप का नाम सदैव वीरता और राष्ट्रभक्ति के लिए याद किया जाएगा।
विधायक राजेश गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि कादीपुर की धरती पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। विधायक राजेश गौतम ने कहा कि समाज को एकजुट होकर युवाओं में राष्ट्रभक्ति और संस्कारों की भावना विकसित करनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विधायक के समर्थन में भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला, जिससे उनका राजनीतिक प्रभाव साफ नजर आया।
इस अवसर पर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल क्षत्रिय समाज ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान की सबसे बड़ी मिसाल है। वीरू सिंह ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए और राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन देशभक्ति, साहस और आत्मसम्मान की प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के संघर्ष और त्याग से सीख लेकर समाज और राष्ट्र के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह, माननीय एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, राणा अजीत सिंह, कपाली महाराज, वेद प्रकाश सिंह तथा दोस्तपुर प्रमुख प्रातेश सिंह बंटी सहित कई सम्मानित अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों की बड़ी भागीदारी रही। पूरे आयोजन में उत्साह और अनुशासन का माहौल बना रहा तथा अंत में “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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