पीड़िता पहुंची जिलाधिकारी सुल्तानपुर के दरबार, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

सुल्तानपुर - थाना गोसाईगंज क्षेत्र से सामने आए दलित महिला उत्पीड़न मामले ने अब प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। मारपीट, जातिसूचक गालियां, जमीन कब्जाने के प्रयास और जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज न होने पर पीड़ित महिला ने आज जिलाधिकारी सुल्तानपुर के समक्ष पेश होकर न्याय की गुहार लगाई।पीड़िता वंदना पत्नी नीरज कुमार का आरोप है कि गांव के दबंगों ने उसके सहन की जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, कपड़े फाड़े गए और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।

कई बार थानाध्यक्ष और एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता, फिर भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा

पीड़िता का दावा है कि वह कई बार थाना गोसाईगंज पहुंची और कई बार पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर कार्यालय जाकर स्वयं पुलिस अधीक्षक के सामने पेश हुई, लेकिन इसके बावजूद उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गय। बताया जा रहा है कि महिला ने मेडिकल परीक्षण भी कराया, फिर भी पुलिस कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। जनपद में तेज तर्रार महिला पुलिस अधीक्षक की तैनाती होने के बावजूद एक दलित पीड़िता का मुकदमा दर्ज न होना अब कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर इतने गंभीर आरोपों के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कराने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोगों का कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो मामला शासन स्तर तक पहुंच सकता है।
 

रिपोर्टर - जगन्नाथ मिश्र 

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