पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होते ही गांवों की कमान संभालने में जुटे प्रधान और प्रतिनिधि

सुलतानपुर - उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने के बाद प्रदेशभर में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू कर दी गई है। शासन के निर्देशानुसार नई ग्राम पंचायतों के गठन तक निवर्तमान प्रधानों एवं प्रधान प्रतिनिधियों को प्रशासक के रूप में सामान्य कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में प्रधानों और प्रधान प्रतिनिधियों ने पंचायतों की कमान संभालते हुए ग्रामीण विकास कार्यों को निरंतर जारी रखने का भरोसा दिया है। ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी संभालने वाले प्रधानों एवं प्रधान प्रतिनिधियों ने कहा कि गांवों में साफ-सफाई, पेयजल,नाली,सड़क,स्ट्रीट लाइट,सरकारी योजनाओं की निगरानी तथा जनसमस्याओं के समाधान का कार्य पहले की तरह लगातार चलता रहेगा। ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पंचायत स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी।

ग्राम पंचायत बलवारे में प्रधान प्रतिनिधि धीरज वर्मा ने जिम्मेदारी संभालते हुए कहा कि पंचायत में विकास कार्यों की गति रुकने नहीं दी जाएगी। गांव में स्वच्छता अभियान, नाली सफाई और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायत भदिला खानीपुर में प्रधान प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए गांव के सभी सामान्य कार्य नियमित रूप से कराए जाएंगे। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। ग्राम पंचायत ताजुद्दीनपुर में प्रधान प्रतिनिधि मनोज चौहान ने पंचायत प्रशासन की जिम्मेदारी संभालते हुए कहा कि गांव के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील भी की। ग्राम पंचायत भरथुआ के प्रधान शीतल प्रसाद सिंह ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में सड़क,सफाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को सुचारू रखा जाएगा। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का कार्य जारी रहेगा। ग्राम पंचायत करेथा गोसारपुर में प्रधान प्रतिनिधि छोटू उपाध्याय ने कहा कि पंचायत में विकास कार्यों की निगरानी लगातार की जाएगी और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान कराया जाएगा। ग्राम पंचायत मुडाहा के प्रधान सुल्तान अली ने कहा कि पंचायत में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी। गांव के सामान्य कार्य नियमित रूप से चलते रहेंगे और जनहित सर्वोपरि रहेगा। ग्राम पंचायत उघड़पुर की प्रधान शीतल वर्मा ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार कार्य किया जाएगा। ग्राम पंचायत रामपुर के ग्राम प्रधान विक्रम कुमार ने कहा कि पंचायत के विकास कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा और ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाएगा। ग्राम पंचायत भेलमपुर की प्रधान साधना ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर जारी रखा जाएगा तथा ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ग्राम पंचायत वम्हरौली की प्रधान उषा सिंह ने कहा कि गांव में स्वच्छता, पेयजल और जनकल्याणकारी योजनाओं का कार्य लगातार जारी रहेगा। ग्राम पंचायत शाहपुर की प्रधान रागिनी ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में जनहित से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। ग्राम पंचायत बेथरा के प्रधान राजबहादुर ने कहा कि गांव के विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। ग्राम पंचायत पलियागोलपुर की प्रधान उर्मिला ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। ग्राम पंचायत कल्याणपुर के प्रधान मिलिंद ने कहा कि गांव में विकास कार्यों की गति बनाए रखते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा। ग्राम पंचायत दुल्लापुर के प्रधान रामचन्द्र वर्मा ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में जनहित के सभी कार्य नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे। ग्राम पंचायत रिहायतपुर के प्रधान सुधीर सिंह ने कहा कि पंचायत में विकास कार्यों और ग्रामीण समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश सरकार के इस निर्णय के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि नई पंचायतों के गठन तक गांवों में विकास कार्यों की गति थमने नहीं दी जाएगी और जनता की सेवा निरंतर जारी रहेगी

संवाददाता — दिनेश सिंह अग्निवंशी

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