श्रीराम कथा के छठे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भव्य आरती में गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष
दोस्तपुर : शिवाला धाम मंदिर संस्कृत पाठशाला, दोस्तपुर में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा स्थल पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं कस्बों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित किया। पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा तथा राम नाम के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कथा व्यास पूज्य दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने अपने अमृतमयी प्रवचनों में भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, त्याग, सत्य और धर्म के महत्व का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन मानव समाज के लिए प्रेरणा का सर्वोच्च स्रोत है। उनके आदर्शों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा उसे सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करता है।
कथा के समापन पर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं भक्त शिरोमणि हनुमान जी की भव्य आरती उतारी गई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से प्रभु का गुणगान किया। "जय श्रीराम" और "सियाराम मय सब जग जानी" के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। आरती के समय उपस्थित श्रद्धालु प्रभु भक्ति में पूरी तरह भाव-विभोर दिखाई दिए।
इस अवसर पर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रविंद्र त्रिपाठी, रमेश अग्रहरि, फूलचंद सेठ अग्रहरि, रमाशंकर पाठक, भाजपा नेता अजय सोनी, मनीष अग्रहरि, राकेश अग्रहरि, सोनू तिवारी, दरोगा पांडे तथा उद्योग व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष दिनेश सिंह अग्निवंशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कथा व्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया और धर्म तथा समाज सेवा के कार्यों में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया।
कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष कमलनाथ तिवारी, सोनू तिवारी एवं अन्य सहयोगियों के नेतृत्व में कार्यक्रम का सफल संचालन किया जा रहा है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई, जिसकी उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहना की।
कथा के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। देर शाम तक भजन-कीर्तन एवं प्रभु स्मरण का क्रम चलता रहा। श्रीराम कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक बना दिया। भक्तों ने कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन में धर्म, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया
संवाददाता : दिनेश सिंह अग्निवंशी
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