दोस्तपुर पीस कमेटी बैठक पर उठा विवाद,व्यापार मंडल,रामलीला समिति और पत्रकारों को नहीं मिली सूचना;व्यापारियों ने जताई नाराजगी

दोस्तपुर, सुल्तानपुर : आगामी मोहर्रम, दशहरा, दुर्गा पूजा, दुर्गा विसर्जन एवं भारत मिलाप जैसे प्रमुख त्योहारों को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को दोस्तपुर थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी नारद मुनि सिंह ने की। हालांकि बैठक संपन्न होने के बाद नगर के व्यापारियों, रामलीला समिति के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पत्रकारों ने बैठक की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए नाराजगी व्यक्त की है।
नगर के विभिन्न संगठनों का आरोप है कि पीस कमेटी जैसी महत्वपूर्ण बैठक में केवल चुनिंदा लोगों को आमंत्रित किया गया, जबकि नगर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों, रामलीला समिति, सामाजिक संस्थाओं और पत्रकारों को बैठक की सूचना तक नहीं दी गई। लोगों का कहना है कि जब आगामी दिनों में नगर के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होने वाले हैं, तब सभी पक्षों की सहभागिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी।
व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजार व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, जुलूस मार्ग और अन्य व्यवस्थाओं में व्यापारियों का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। इसके बावजूद व्यापार मंडल को बैठक से दूर रखा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में त्योहारों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना चाहता है तो उसे सभी संगठनों को विश्वास में लेना चाहिए।
वहीं रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने भी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दशहरा, रामलीला और भारत मिलाप जैसे आयोजनों का सीधा संबंध समिति से होता है। ऐसे में समिति के पदाधिकारियों को आमंत्रित न किया जाना समझ से परे है। उनका कहना है कि बिना आयोजकों की राय लिए त्योहारों की व्यवस्थाओं पर सार्थक चर्चा संभव नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन और पुलिस प्रशासन की मंशा हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रही है। पुलिस अधीक्षक चारू निगम द्वारा भी समय-समय पर त्योहारों को लेकर सतर्कता और समन्वय के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद यदि स्थानीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण संगठनों को बैठक से दूर रखा गया है तो इसकी समीक्षा होनी चाहिए।
नगर के लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब थाना परिसर में पीस कमेटी बैठक का रजिस्टर तैयार किया गया और बैठक की औपचारिक सूचना जारी हुई, तब नगर के जिम्मेदार संगठनों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। लोगों का कहना है कि ऐसी बैठकों का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि सभी वर्गों के बीच संवाद स्थापित करना होता है।
व्यापारियों ने थाना प्रभारी नारद मुनि सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एकपक्षीय तरीके से बैठक आयोजित किए जाने से नगर के विभिन्न वर्गों में असंतोष व्याप्त है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन, व्यापारियों, धार्मिक समितियों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।
व्यापार मंडल एवं अन्य सामाजिक संगठनों ने क्षेत्राधिकारी कादीपुर विनय कुमार गौतम, उपजिलाधिकारी कादीपुर मंजुल मयंक तथा पुलिस अधीक्षक चारू निगम से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में आयोजित होने वाली पीस कमेटी बैठकों में व्यापार मंडल, रामलीला समिति, पत्रकारों तथा अन्य सामाजिक संगठनों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए, जिससे सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और त्योहारों के सफल आयोजन में सहयोग दे सकें।
नगर में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कई लोगों का मानना है कि यदि समय रहते सभी पक्षों को साथ लेकर पुनः एक व्यापक बैठक आयोजित की जाती है तो गलतफहमियों को दूर किया जा सकता है। लोगों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए सभी वर्गों के साथ संवाद स्थापित कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।

संवाददाता : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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