भाजपा नेता रणबहादुर सिंह की शिकायत पर मुकदमा दर्ज

सुल्तानपुर : सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक ऑडियो वायरल कर भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता रणबहादुर सिंह की छवि धूमिल करने तथा उन्हें जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दोस्तपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चारु निगम के निर्देशन में दोस्तपुर थाना प्रभारी नारद मुनि सिंह ने आवश्यक कार्रवाई कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खानीपुर, पोस्ट इमलीगांव, थाना दोस्तपुर निवासी रणबहादुर सिंह पुत्र स्वर्गीय काशी प्रसाद सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि गांव के ही निवासी उत्तम सिंह पुत्र रमाशंकर सिंह उनसे पुरानी रंजिश रखते हैं। आरोप है कि उत्तम सिंह द्वारा मोबाइल फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए ऑडियो रिकॉर्ड किया गया और उसे "विकासशील ग्राम पंचायत भदिला खानीपुर" समेत विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित किया गया।
रणबहादुर सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रह चुके हैं तथा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के काशी क्षेत्र सहकारिता प्रकोष्ठ में क्षेत्रीय सह संयोजक के पद पर कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि वायरल किए जा रहे ऑडियो के माध्यम से उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी वर्तमान में सूरत में रह रहा है तथा लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर रहा है। उन्होंने ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस पूरे प्रकरण में उनके कुछ राजनीतिक विरोधियों का भी सहयोग प्राप्त है।
रणबहादुर सिंह के अनुसार गांव के सम्मानित लोगों के माध्यम से कई बार मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से गाली-गलौज और आपत्तिजनक सामग्री का प्रसारण जारी रहा। इसके बाद उन्होंने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद एफआईआर संख्या 0130/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, धारा 351(3) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुबेदार यादव को सौंपी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल ऑडियो, मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस मुकदमे के दर्ज होने के बाद क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वहीं पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी व्यक्ति को बदनाम करने, धमकी देने अथवा कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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