फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बनकर करते थे रंगदारी वसूली, अन्तरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
सुलतानपुर : जनपद की अखण्डनगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट बनकर वाहन चालकों और आम लोगों से अवैध वसूली करने वाले एक अन्तरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से रंगदारी की धनराशि भी बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को न्यायालय भेज दिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार 18 जून 2026 को जौनपुर जनपद निवासी नीरज कुमार द्वारा थाना अखण्डनगर में एक लिखित तहरीर दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने एक वाहन खरीदा था, जिसे चालक लेकर जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने रास्ते में वाहन को रोक लिया और स्वयं को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए वाहन चालक को धमकाने लगे। आरोपियों ने फाइनेंस बकाया का भय दिखाकर चालक से ₹10,000 की रंगदारी वसूल ली। इसमें ₹5,000 नकद तथा ₹5,000 फोन-पे के माध्यम से लिए गए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनसे पता चला कि गिरोह का सरगना पूर्व में एक फाइनेंस कंपनी में कार्य कर चुका है। इसी अनुभव का लाभ उठाकर वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी वाहन चालकों को रोककर स्वयं को रिकवरी एजेंट बताते थे और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे धन उगाही करते थे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने लगातार निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर शुक्रवार तड़के ग्राम मीरपुर प्रतापपुर स्थित रेलवे फाटक के पास घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में आकाश सिंह पुत्र सुभाष सिंह उर्फ पप्पू सिंह निवासी जमैटा थाना पवई जनपद आजमगढ़ तथा सौरभ उर्फ गोलू गिरी पुत्र स्वर्गीय सुनील गिरी निवासी बेलवाई थाना अखण्डनगर जनपद सुलतानपुर शामिल हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आकाश सिंह के पास से ₹1,200 तथा सौरभ उर्फ गोलू गिरी के पास से ₹800 बरामद किए। इस प्रकार कुल ₹2,000 की रंगदारी की धनराशि बरामद हुई। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है।
पुलिस अभिलेखों की जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे संगठित अपराधों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को सफल बनाने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक चांद सिंह यादव, हेड कांस्टेबल महेंद्र यादव, कांस्टेबल विवेक, कांस्टेबल अविनाश तथा कांस्टेबल अवधेश शामिल रहे।
संवाददाता : दिनेश सिंह अग्निवंशी
No Previous Comments found.