झाड़ियों में मिले भारत निर्वाचन आयोग के भरे हुए मतदाता फॉर्म

सुल्तानपुर - लंभुआ नगर पंचायत क्षेत्र के दियरा रोड के किनारे झाड़ियों में भारत निर्वाचन आयोग के भरे हुए मतदाता फार्म 6 तथा शांति भंग के अंदेशे में निरुद्ध होने के बाद जमानत के दस्तावेज फेंके मिले। जैसे ही इसकी सूचना तहसील प्रशासन को लगी, वहां हड़कंप मच गया। एसडीएम के निर्देश पर आनन फ़ानन में तत्काल राजस्व व पुलिस टीम पहुंच गई और उसे अपने कब्जे में ली। फेंके गए बरामद हुए फॉर्म नगर पंचायत के गांधीनगर तथा नरेंद्रपुर आदि गांव के लोगों के थे। फार्म के साथ लोगों के आधार कार्ड, अंक पत्र व अन्य दस्तावेजों की फोटो कॉपी भी लगी हुई थी। लोगों का कहना था कि मतदाता फॉर्म में नाम,पता,मोबाइल नंबर,आधार,अंक पत्र जैसे संवेदनशील डाटा होते हैं, इस तरह खुले में फेक जाने से डाटा के दुरुपयोग का भी खतरा बन जाता है। खुले में फॉर्म फेंकना आयोग के नियमों का उल्लंघन माना जाता है। मौके पर नरेंद्रपुर निवासी सरिता सिंह,नवीन साहू,दिव्या साहू,गांधीनगर,किरन नरेंद्रपुर,आशा देवी,राजकली नरेंद्रपुर आदि सैकड़ो लोगों के फॉर्म पाए गए। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अंतर्गत यह दस्तावेज बगैर आयोग की अनुमति के नष्ट नहीं किए जाने थे। इसके बावजूद तहसील से इतनी दूर झाड़ियों में कैसे पहुंच गया, यह गंभीर विषय है और प्रशासन की साफ-साफ लापरवाही दिखाई पड़ रही है। एसडीएम श्रीमती प्रीति जैन ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, जांच कराई जा रही है। जांच के बाद निश्चित तौर पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह डॉक्यूमेंट वर्ष 2017-18 का है, जो पुरानी तहसील के कमरे में सुरक्षित रखा हुआ था, और कमरे का ताला तोड़कर झाड़ियों में कैसे पहुंच गया यह जांच का विषय है। जांच के लिए एसडीएम तथा सीओ के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है, मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दे दिए गए हैं, जांच के बाद दोषी कर्मियों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इन प्रपत्र से कोई सरकारी नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन इन प्रपत्रों का झाड़ियों में मिलना गलत है।

भाजपा नेता व पूर्व सपा विधायक ने निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई के लिए की मांग

भाजपा नेता विकास वर्मा ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है। भारत निर्वाचन आयोग के अंतर्गत ही अधिकारी व कर्मचारी यह काम देखते हैं और प्रपत्रों की सुरक्षा करते हैं, उनकी घोर लापरवाही उजागर हुई है और बदनाम पार्टी होती है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उधर सपा के पूर्व विधायक संतोष पांडे ने कहा कि झाड़ियों में भारत निर्वाचन आयोग के सैकड़ो भरे हुए मतदाता फॉर्म,आधार कार्ड,अंक पत्र की प्रतियां मिलना बेहद चौंकाने वाला तथा निंदनीय कृत्य है। यह मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का अपमान और उनके भरोसे का हनन है। नागरिकों की बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारी का इस प्रकार खुले में मिलना प्रशासनिक तंत्र की घोर संवेदनहीनता और लापरवाही को उजागर करता है तथा पूरी निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वनीयता को संदिग्ध बनाता है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों,कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई करने की मांग की।

संवाददाता - वाजिद हुसैन

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