कड़ी सुरक्षा में निकला ताजिया,कई गांवों में गम-ए-हुसैन की गूंज
सुल्तानपुर : मोहर्रम की दसवीं तारीख यौम-ए-आशूर पर ताजखानपुर, बहादुरपुर और अफलेपुर गांवों में गम-ए-हुसैन पूरे अकीदत और अनुशासन के साथ मनाया गया। इमामबारगाह से ताजिया जुलूस निकाला गया, जो निर्धारित मार्गों से होते हुए स्थानीय कर्बला पहुंचा। यहां मातमी नौहों और सीनाजनी के बीच ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किया गया।जुलूस के दौरान या हुसैन की सदाओं के बीच अज़ादारों ने इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। जुलूस में बड़ी संख्या में नौजवान,बुजुर्ग और बच्चों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर लंगर और शरबत की व्यवस्था भी की गई।शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कोतवाली प्रभारी एवं गभड़िया चौकी प्रभारी दिवेश त्रिवेदी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इमामबारगाह से कर्बला तक पूरे मार्ग पर पुलिस और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। ड्रोन कैमरों से भी जुलूस की निगरानी की गई, जबकि यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त यातायात पुलिस बल लगाया गया।प्रशासन और अंजुमन के पदाधिकारियों के बेहतर समन्वय से तीनों गांवों में ताजिया जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। अज़ादारों ने इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी को इंसानियत,सब्र और सत्य के लिए संघर्ष का प्रतीक बताते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
रिपोर्टर : जगन्नाथ मिश्र
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