हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में गमगीन हुआ दोस्तपुर, 'या हुसैन' की सदाओं के बीच निकला मातमी जुलूस, आकर्षक ताजियों ने श्रद्धालुओं का जीता दिल

दोस्तपुर :  मोहर्रम (यौमे आशूरा) के अवसर पर शुक्रवार को दोस्तपुर नगर पूरी तरह अकीदत, गम और धार्मिक श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में हजारों अकीदतमंदों ने मातमी जुलूस में हिस्सा लिया। "या हुसैन" की गूंज से पूरा नगर श्रद्धा और मातम के माहौल में डूब गया। लोगों ने सीना-ज़नी कर तथा मातम के जरिए कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया और उनके बताए हुए सत्य, इंसाफ, सब्र तथा कुर्बानी के संदेश को याद किया। जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से गुजरता हुआ नगर के प्रमुख स्थानों तक पहुंचा। इस दौरान नगर में विभिन्न इमामबाड़ों से निकले ताजिए अपनी भव्य सजावट, आकर्षक कारीगरी और पारंपरिक स्वरूप के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। रंग-बिरंगी रोशनी, सुंदर नक्काशी और कलात्मक सजावट से सजे ताजियों को देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने ताजियों के दर्शन कर अकीदत के साथ सलाम पेश किया।
जुलूस के दौरान कई स्थानों पर पारंपरिक 56 छुरियों के मातमी खेल का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। पूरे आयोजन में अनुशासन, धार्मिक मर्यादा और आपसी सौहार्द का वातावरण बना रहा।
मोहर्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे। पूरे दोस्तपुर नगर को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। घंटाघर चौक, ब्लॉक चौराहा, अस्पताल रोड, नई बाजार, शाही पुल और अखंड नगर रोड सहित जुलूस मार्ग के प्रत्येक संवेदनशील स्थान पर पुलिस एवं पीएसी के जवान तैनात रहे। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल मुस्तैद रहा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।
घंटाघर चौक को सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य केंद्र बनाया गया था। यहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान तैनात रहे। नगर में प्रवेश करने वाले वाहनों की निगरानी की गई तथा आवश्यकतानुसार बाहरी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया। जुलूस के आगे, बीच और पीछे पुलिस की अलग-अलग टीमें सुरक्षा में लगी रहीं, जबकि रिजर्व पुलिस बल भी पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान क्षेत्राधिकारी कादीपुर विनय कुमार गौतम, उपजिलाधिकारी कादीपुर सुश्री मंजुल मयंक तथा थानाध्यक्ष दोस्तपुर नारद मुनि सिंह ने संभाली। तीनों अधिकारी लगातार जुलूस मार्ग का भ्रमण करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
जुलूस के दौरान ब्लॉक चौराहा, अस्पताल रोड, नई बाजार, शाही पुल और अखंड नगर रोड सहित प्रमुख मार्गों पर अस्थायी रूप से यातायात प्रतिबंधित किया गया। पुलिस ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया, जिससे मातमी जुलूस शांतिपूर्वक और व्यवस्थित ढंग से अपने निर्धारित मार्ग से गुजर सका।
वहीं नगर के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा शर्बत, ठंडा पेयजल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी की गई। प्रशासन की सतर्कता, पुलिस एवं पीएसी की मुस्तैदी तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा मोहर्रम आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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