शिक्षकों को और छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने का किया आवाहन
सुल्तानपुर - शिक्षा किसी भी परिवार की आर्थिक सामाजिक प्रगति का सबसे बड़ा रास्ता है वही किसी गरीब परिवार में सफलता के दीपक जले तो उसकी रोशनी से इलाका गुलजार हो जाता है। हम बात कर रहे हैं सुल्तानपुर शहर से सटे ताज खानपुर गांव की यहां इकरार खान का परिवार रहता है और उनके बेटे अल्तमस खान को नीट 2026 की परीक्षा में 99% अंक प्राप्त हुए हैं। उनकी सफलता पर जिलेवासी उन्हें एक बेहतरीन डॉक्टर के रूप में देखने लगे हैं। नेशनल पब्लिक स्कूल में प्राथमिक से लेकर 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद अल्तमस खान ने डॉक्टर बनने के लिए नीट परीक्षाओं की तैयारी की थी। बुनियादी शिक्षा के मजबूत फाउंडेशन ने उनका रास्ता आसान बनाया। नेशनल पब्लिक स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने उन्हें बेहतरीन तालीम दी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सही गाइडेंस उपलब्ध कराया। अब उनकी सफलता पर विद्यालय के प्रबंधक अली मुईद एडवोकेट व प्रधानाचार्य संजय शुक्ल ने परिवार और शुभचिंतकों को बधाई दी है। यहां पूर्व मंत्री मुईद अहमद ने कहा बीते डेढ़ दशक से विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर सैकड़ो बच्चे देश व प्रदेश की संस्थाओं मे अपनी सेवाये दे रहे हैं। अल्तमस खान की सफलता ने क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों में बड़ी उम्मीद जगाई है। विद्यालय में अध्ययन कर रहे सैकड़ो छात्र-छात्राओं के लिए यह प्रेरणा का काम करेंगे। उनकी सफलता से और भी बच्चे प्रभावित होंगे उनका मनोबल ऊंचा होगा साथ ही विद्यालय में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बढ़िया माहौल बनेगा। अल्तमस खान की सफलता पर विद्यालय परिवार के शिक्षक और शिक्षिकाएं गर्व महसूस कर रहे हैं। वही छात्र-छात्राओ के लिए अल्तमश खान एक प्रेरणा के रूप में देखे जा रहे हैं।...
वहीं जिले की एक खबर ने गदगद कर दिया नीट परीक्षा में 653 अंक प्राप्त कर मोहम्मद शादाब ने बड़ी सफलता अर्जित की इनके पिता डॉ शमीम गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सैफुल्ला गंज बाजार में दवाखाना चलाते हैं यह इटकौली के रहने वाले हैं। शादाब की सफलता से इलाके में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। मास्टर निजाम अहमद व कई सामाजिक संगठनों ने डॉक्टर शमीम के बेटे की इस सफलता पर बधाई दी है सभी ने कामना की एक योग्य चिकित्सक बनकर शादाब देश व समाज की सेवा में अपना जीवन लगाएं।
रिपोर्टर - वाजिद हुसैन
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