सरकारी यात्री प्रतीक्षालय पर अवैध कब्जा, सब्जी मंडी बनाकर किया जा रहा व्यापार, विरोध करने वालों को धमकी देने का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश
सुलतानपुर : सरकार द्वारा यात्रियों और राहगीरों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाए गए सार्वजनिक यात्री प्रतीक्षालय पर कथित रूप से अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। अखंड नगर क्षेत्र के बहौद्दीनपुर चौराहे पर स्थित सरकारी प्रतीक्षालय में यात्रियों के बैठने की जगह पर सब्जी की दुकान संचालित किए जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों और मीडिया में मामला उठने के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
ग्रामीणों के अनुसार, बहौद्दीनपुर निवासी शुभम गुप्ता (पुत्र लालजी गुप्ता) द्वारा सरकारी प्रतीक्षालय में सब्जी की दुकान लगाई जा रही है। यात्रियों के बैठने के लिए बनाई गई बेंचों के सामने सब्जियां सजाकर बिक्री की जाती है, जिससे बस और अन्य वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए बैठने की जगह नहीं बचती। महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और अन्य राहगीर धूप, बारिश और खराब मौसम में खुले आसमान के नीचे इंतजार करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दिन पहले भी इस मामले को मीडिया के माध्यम से प्रमुखता से उठाया गया था, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक प्रतीक्षालय से अतिक्रमण हटाने या इसका विरोध करता है, तो उसे कथित रूप से धमकाया जाता है और अभद्र व्यवहार किया जाता है। इसी कारण कई लोग खुलकर शिकायत करने से भी डरते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
विडंबना यह है कि जिस सरकारी प्रतीक्षालय पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के होर्डिंग लगे हैं, उसी के नीचे सार्वजनिक संपत्ति का कथित रूप से निजी व्यापार के लिए उपयोग किया जा रहा है। इससे प्रशासन की कार्यशैली और सरकारी संपत्तियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी यात्री प्रतीक्षालय को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों को दोबारा उनकी मूल सुविधा मिल सके।
अब देखना यह होगा कि लगातार शिकायतों और मीडिया में मामला सामने आने के बाद प्रशासन इस प्रकरण पर कब कार्रवाई करता है और सरकारी जनसुविधा को अतिक्रमण से मुक्त करा पाता है या नहीं।
संवाददाता : दिनेश सिंह अग्निवंशी
No Previous Comments found.