भदिला खानीपुर की अधूरी आंगनबाड़ी का लेखपाल देवमणि उपाध्याय ने किया निरीक्षण

सुल्तानपुर : मीडिया की खबर के बाद प्रशासन हरकत में, भदिला खानीपुर की अधूरी आंगनबाड़ी का लेखपाल देवमणि उपाध्याय ने किया निरीक्षण; डीपीओ के पत्र में भी अधूरा निर्माण मिलने की पुष्टि, कार्रवाई के निर्देश के बावजूद वर्षों से नहीं हुआ पूरा निर्माण
सुल्तानपुर। विकासखंड मोतिगरपुर की ग्राम पंचायत भदिला खानीपुर में वर्ष 2016-17 में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से शुरू हुआ आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कार्य करीब दस वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। छोटे बच्चों की शिक्षा, पोषण एवं देखभाल के उद्देश्य से बनाए जा रहे इस भवन की वर्तमान स्थिति जर्जर बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधूरे भवन का उपयोग आज बच्चों के लिए नहीं, बल्कि भूसा और उपले (कंडी) रखने के लिए किया जा रहा है।
स्थानीय मीडिया में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित एवं प्रसारित किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। क्षेत्रीय लेखपाल देवमणि उपाध्याय मौके पर पहुंचे और आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भवन कई वर्षों से अधूरा पाया गया। भवन के अंदर भूसा एवं कंडी (उपले) रखे मिले, जिसका मौके पर अवलोकन किया गया। लेखपाल ने भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक जानकारी एकत्र की।
ग्रामीणों के अनुसार यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो गया होता तो गांव के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र की सभी सरकारी सुविधाएं मिल रही होतीं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ समय बाद ही बंद हो गया और उसके बाद संबंधित विभागों ने इसे पूरा कराने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। समय के साथ भवन की हालत लगातार खराब होती चली गई।
ग्रामीणों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि भवन का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो भुगतान किस आधार पर किया गया? कार्य की गुणवत्ता का सत्यापन किस अधिकारी ने किया? निर्माण अधूरा रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उस समय के संबंधित अधिकारियों ने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और निरीक्षण नहीं किया। यदि समय-समय पर समीक्षा होती तो सरकारी धन से बनने वाला यह भवन वर्षों तक अधूरा नहीं पड़ा रहता।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे को स्थानीय मीडिया ने कई बार प्रमुखता से उठाया। समाचार प्रकाशित हुए और वीडियो रिपोर्टें भी प्रसारित की गईं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। उनका कहना है कि अब तक उन्हें केवल आश्वासन मिले हैं, जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को उठाने के दौरान उन्हें कथित रूप से दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने मांग की है कि यदि ऐसी घटनाएं हुई हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।
यह मामला विधानसभा क्षेत्र 189 जयसिंहपुर का है। वर्ष 2016-17 में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व समाजवादी पार्टी के विधायक अरुण वर्मा कर रहे थे, उसी दौरान निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसके बाद भाजपा विधायक सीताराम वर्मा के कार्यकाल में भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। वर्तमान में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा विधायक राज प्रसाद उपाध्याय कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उनसे भी गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण करने तथा संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय कराने की मांग की है।
इसी बीच जिला कार्यक्रम अधिकारी, सुलतानपुर द्वारा प्रभारी अधिकारी (शिकायत), कलेक्ट्रेट सुलतानपुर को भेजे गए पत्रांक 1202/जि०का०अ०/शिकायत 2026-27 दिनांक 06 जून 2026 में जनसुनवाई शिकायत संख्या 40017926020184 दिनांक 25.05.2026 का उल्लेख किया गया है। पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत भदिला खानीपुर में लगभग 10 वर्षों से अधूरे पड़े आंगनबाड़ी केंद्र भवन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी, मोतिगरपुर द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र भवन का भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें निर्माण कार्य के कई भाग अधूरे पाए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार अधूरे निर्माण कार्य को एक सप्ताह के भीतर संबंधित कार्यदायी संस्था क्षेत्र पंचायत से पूर्ण कराने तथा दोषी कार्मिकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई किए जाने के लिए कार्यालय पत्र संख्या सी-1223 दिनांक 30 मई 2026 के माध्यम से जिला विकास अधिकारी, सुलतानपुर को तथा पत्रांक सी-827 दिनांक 21 मई 2026 द्वारा खंड विकास अधिकारी, मोतिगरपुर को अनुरोध भेजा गया।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि खंड विकास अधिकारी, मोतिगरपुर ने अपने पत्रांक 271 दिनांक 27.05.2026 के माध्यम से अवगत कराया कि सक्षम स्तर से निर्देश प्राप्त होने पर निर्माण कार्य पूर्ण कराने के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके बावजूद ग्रामीणों का कहना है कि आज तक आंगनबाड़ी भवन का निर्माण पूर्ण नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि विभागीय पत्रों, निरीक्षणों और शिकायतों के बावजूद यदि निर्माण कार्य अधूरा है तो यह संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिलाधिकारी सुलतानपुर, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी मोतिगरपुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास एवं पुष्टाहार), महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्पष्ट किया जाए कि निर्माण कार्य किस एजेंसी को दिया गया, कितना भुगतान किया गया, कार्य का सत्यापन किस स्तर पर हुआ और वर्षों बाद भी निर्माण अधूरा क्यों पड़ा है।
ग्रामीणों की मांग है कि यदि सरकारी धन के उपयोग में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदार अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा वर्षों से अधूरे पड़े आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि गांव के बच्चों को सुरक्षित भवन और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग की ओर से यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है कि निर्माण कार्य दोबारा कब शुरू होगा और कब तक पूरा किया जाएगा। विभाग की ओर से यदि कोई नया आधिकारिक पक्ष या कार्रवाई सामने आती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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