दोस्तपुर किमी-161 सुविधा केंद्र की अव्यवस्थाओं से यात्री परेशान, मैनेजर के कथित रवैये पर उठे सवाल

सुल्तानपुर : पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दोस्तपुर किमी-161 सुविधा केंद्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर यात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। सुविधा केंद्र पर शौचालयों में फैली गंदगी, पेयजल की अव्यवस्था, साफ-सफाई के अभाव और रखरखाव की खराब स्थिति से परेशान यात्रियों ने संबंधित अधिकारियों, सुविधा केंद्र के मैनेजर तथा रखरखाव एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मीडिया टीम द्वारा मौके पर किए गए निरीक्षण में लखनऊ और गाजीपुर दोनों दिशाओं के सुविधा केंद्रों पर गंदगी का अंबार, शौचालयों की बदहाल स्थिति तथा यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव देखने को मिला। यात्रियों का कहना है कि जब उनसे पूरा टोल टैक्स वसूला जाता है तो सुविधा केंद्रों पर भी उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलनी चाहिए।
आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे एक यात्री ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को विश्वस्तरीय पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सौगात दी है, लेकिन सुविधा केंद्रों की हालत बेहद खराब है। शौचालयों में गंदगी, पीने के पानी की समस्या और साफ-सफाई का अभाव सरकार की छवि को भी प्रभावित कर रहा है।"
मीडिया टीम ने जब सुविधा केंद्र के मैनेजर से गंदगी और अव्यवस्था के संबंध में जानकारी ली तो यात्रियों के अनुसार उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मीडिया का आरोप है कि मैनेजर ने कथित रूप से कहा, "जहां शिकायत करनी हो, कर दीजिए।" इस कथित बयान से यात्रियों में और अधिक आक्रोश फैल गया।
इसके बाद मीडिया टीम ने तत्काल 14449 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। कंट्रोल रूम के माध्यम से संबंधित सुपरवाइजर से संपर्क किया गया। मीडिया के अनुसार, सुपरवाइजर ने बताया कि इस समस्या की सूचना कई बार अपने वरिष्ठ अधिकारियों तथा संबंधित ठेका कंपनी को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मीडिया टीम ने अकबरपुर की उपजिलाधिकारी से भी संपर्क कर पूरे मामले से अवगत कराया। मीडिया के अनुसार, उपजिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का संचालन एवं निगरानी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा की जाती है, जो राज्य सरकार के औद्योगिक विकास विभाग के अधीन कार्य करता है। यात्रियों ने मांग की है कि विभागीय मंत्री, UPEIDA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO), जिलाधिकारी अंबेडकरनगर तथा संबंधित उपजिलाधिकारी इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराएं।
यात्रियों ने यह भी मांग की है कि सार्वजनिक किया जाए कि दोस्तपुर किमी-161 सुविधा केंद्र का संचालन और रखरखाव किस कंपनी या एजेंसी को टेंडर के माध्यम से दिया गया है। यदि संबंधित एजेंसी अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य नहीं कर रही है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा आवश्यक होने पर टेंडर की समीक्षा कर जिम्मेदार एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि यदि टोल से करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है तो सुविधा केंद्रों पर साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उच्च स्तर की होनी चाहिए। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद सुधार न होना संबंधित अधिकारियों और एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
यात्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों, मैनेजर, ठेकेदार तथा संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लाखों लोगों को बेहतर और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
(यह समाचार मीडिया टीम द्वारा किए गए मौके के निरीक्षण, यात्रियों के बयानों तथा संबंधित अधिकारियों से हुई बातचीत पर आधारित है। संबंधित एजेंसी या अन्य पक्ष का विस्तृत जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

संवाददाता : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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