जो कहा था, वह करके दिखाया: सी न्यूज़ भारत की खबर का बड़ा असर
सुल्तानपुर - जनपद सुलतानपुर के विकासखंड मोतिगरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भदिला खानीपुर में वर्ष 2016-17 से अधूरा पड़ा आंगनबाड़ी केंद्र आखिरकार दोबारा बनना शुरू हो गया है। लगभग दस वर्षों से अधूरे पड़े इस सरकारी भवन को लेकर सी न्यूज़ भारत टीम ने लगातार समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित किए। ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया और लगातार सवाल किए गए कि आखिर सरकारी धन से बनने वाला आंगनबाड़ी भवन वर्षों से अधूरा क्यों पड़ा है। अब इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर निर्माण कार्य पुनः शुरू करा दिया है। ग्राम पंचायत भदिला खानीपुर में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण वर्ष 2016-17 में शुरू हुआ था। इस भवन का उद्देश्य गांव के छोटे बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा, पोषण, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। लेकिन कुछ समय बाद निर्माण कार्य अचानक बंद हो गया और भवन वर्षों तक अधूरा ही पड़ा रहा।
ग्रामीणों के अनुसार अधूरा भवन धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता खोता गया। जहां बच्चों की किलकारियां गूंजनी चाहिए थीं, वहां भूसा और उपले (कंडी) रखे जाने लगे। बारिश और समय के प्रभाव से भवन की स्थिति भी खराब होती चली गई। गांव के बच्चों को आज तक उस भवन का लाभ नहीं मिल सका, जिसके निर्माण पर सरकारी धन खर्च किया गया था। इस गंभीर मामले को सी न्यूज़ भारत ने लगातार प्रमुखता से उठाया। समाचार प्रकाशित किए गए,वीडियो रिपोर्ट प्रसारित की गईं और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया। खबरों के बाद प्रशासन हरकत में आया और राजस्व विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में भवन अधूरा मिला तथा उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया।
इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास एवं पुष्टाहार), सुलतानपुर द्वारा प्रभारी अधिकारी (शिकायत), कलेक्ट्रेट सुलतानपुर को भेजे गए पत्रांक 1202/जि०का०अ०/शिकायत/2026-27 दिनांक 06 जून 2026 में भी यह स्वीकार किया गया कि ग्राम पंचायत भदिला खानीपुर का आंगनबाड़ी भवन वर्षों से अधूरा पड़ा है। पत्र में उल्लेख किया गया कि जनसुनवाई शिकायत संख्या 40017926020184 दिनांक 25 मई 2026 के आधार पर जांच कराई गई थी। जांच के दौरान प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी, मोतिगरपुर द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में निर्माण कार्य अधूरा पाया गया। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्था क्षेत्र पंचायत से एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण कराने तथा दोषी कार्मिकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी, सुलतानपुर एवं खंड विकास अधिकारी, मोतिगरपुर को पत्र भेजे।
खंड विकास अधिकारी,मोतिगरपुर ने भी अपने पत्रांक 271 दिनांक 27 मई 2026 के माध्यम से अवगत कराया था कि सक्षम स्तर से निर्देश प्राप्त होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद कई सप्ताह तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ,जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बनी रही। ग्रामीणों ने लगातार सवाल उठाए कि यदि भवन का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो भुगतान किस आधार पर किया गया? कार्य की गुणवत्ता का सत्यापन किस अधिकारी ने किया? निर्माण अधूरा रहने के बावजूद संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
लगातार समाचार प्रसारण,जनसुनवाई शिकायतों, विभागीय पत्राचार और प्रशासनिक स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद आखिरकार जिलाधिकारी सुलतानपुर ने मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश के बाद वर्षों से बंद पड़ा निर्माण कार्य पुनः शुरू करा दिया गया। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी मोतिगरपुर निशा तिवारी ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि भदिला खानीपुर आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और इसे नियमानुसार शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि यदि मीडिया लगातार इस मामले को न उठाता तो वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन शायद कभी पूरा नहीं हो पाता। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस बार निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और भवन को जल्द से जल्द पूर्ण कर बच्चों के लिए संचालित किया जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि पूर्व में निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों, कार्यदायी संस्था अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजना में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। सी न्यूज़ भारत का उद्देश्य केवल समाचार प्रकाशित करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को उनके समाधान तक लगातार उठाना है। भदिला खानीपुर की अधूरी आंगनबाड़ी का निर्माण कार्य दोबारा शुरू होना इस बात का प्रमाण है कि जब जनहित की आवाज लगातार उठाई जाती है, तो प्रशासन भी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होता है।
"जो कहा था, वह करके दिखाया"—सी न्यूज़ भारत जनहित के मुद्दों को आगे भी पूरी मजबूती के साथ उठाता रहेगा और निर्माण कार्य पूर्ण होने तक इस पूरे मामले की निगरानी करता रहेगा
संवाददाता -दिनेश ठाकुर
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