‘बरम बाबा’ के नाम पर झाड़-फूंक और धार्मिक दावों को लेकर चर्चा तेज

सुल्तानपुर : अखंडनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत फरीदपुर (दौड़ीपुर) गांव का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था, लोकमान्यताओं, परंपराओं और कथित झाड़-फूंक जैसी गतिविधियों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
वायरल वीडियो में स्थानीय स्तर पर शंकर कहार के नाम से पहचाने जाने वाले व्यक्ति को पूजा-पाठ और झाड़-फूंक जैसी गतिविधियां करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष, महिलाएं और अन्य लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं।
वीडियो में संबंधित व्यक्ति उस स्थान को "बरम बाबा" से जुड़ा स्थल बताता है। इसी दौरान जब उससे पूछा जाता है कि "बरम बाबा की मजार कैसे हो सकती है?", तो वह अपनी ओर से जवाब देते हुए कहता है कि अंग्रेजी शासन के समय जो लोग अंग्रेजों के लिए लड़ते हुए मारे गए, उन्हें 'शहीद' कहा गया और उनकी मजार बनाई गई। वह आगे यह भी कहता है कि जो जनेऊ नहीं पहनते, उन्हें शहीद कहा जाता है और उन पर चादर चढ़ाई जाती है। ये सभी बातें वीडियो में संबंधित व्यक्ति द्वारा कही गई हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही किसी आधिकारिक स्रोत ने इन्हें प्रमाणित किया है।
वीडियो के विभिन्न हिस्सों में कुछ लोग धार्मिक अनुष्ठान के दौरान जमीन पर लेटे हुए तथा कुछ लोग झूमते हुए दिखाई देते हैं। संबंधित व्यक्ति हाथ में कपड़े की चादर या ध्वज लेकर अनुष्ठान करता नजर आता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।
कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यहां देवी-देवताओं, भूत-प्रेत बाधा और कष्ट निवारण के नाम पर लोगों से धनराशि ली जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित व्यक्ति का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने आया है। इसलिए इन आरोपों को केवल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपरा का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि अन्य लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार के भ्रामक दावे या अनुचित आर्थिक लेन-देन की शिकायतें हैं, तो प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वायरल वीडियो में किए गए दावों तथा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। जांच और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्टर : दिनेश ठाकुर

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