गिरफ्तार; अब अखण्डनगर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की उठी मांग

अखण्डनगर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अखण्डनगर के अधीक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह पर ओपीडी में लोहे की सरिया से कथित जानलेवा हमला किए जाने की घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद मीडिया टीम सीएचसी अखण्डनगर पहुंची और अधीक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह से मुलाकात कर उनका हाल जाना तथा पूरी घटना की जानकारी ली।
ओपीडी में अधीक्षक पर हुआ हमला
पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को करीब 10:30 बजे सीएचसी अखण्डनगर की ओपीडी में अधीक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह अपने सरकारी कार्य में व्यस्त थे और मरीजों को देख रहे थे। इसी दौरान इलाज कराने आया युवक सचिन गौड़ पुत्र विनोद कुमार, निवासी प्राणनाथपुर बछड़िया, थाना अखण्डनगर, जनपद सुलतानपुर, कथित रूप से ओपीडी में पहुंचा।
आरोप है कि युवक ने डॉक्टर के साथ गाली-गलौज करते हुए लोहे की सरिया से उनके सिर पर जान से मारने की नीयत से वार कर दिया। हमले में अधीक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर डॉक्टर को बचाया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी द्वारा चिकित्सक के कार्यालय में रखे सरकारी रजिस्टर आदि फाड़ने तथा सरकारी बीपी मशीन सहित अन्य सामान को क्षतिग्रस्त करने की घटना भी कारित की गई।
तहरीर पर मुकदमा दर्ज
घटना के संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह की तहरीर के आधार पर थाना अखण्डनगर में मु0अ0सं0 201/2026 के तहत धारा 109/132/221/324(4)/115(2)/352/351(3) भारतीय न्याय संहिता में अभियोग पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मामले को गंभीरता से लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्री बृजनारायण सिंह के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार गौतम के निर्देशन में थाना अखण्डनगर पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में छह घंटे के अंदर आरोपी गिरफ्तार
थाना अखण्डनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सचिन गौड़, उम्र करीब 21 वर्ष, को 19 अगस्त 2026 को करीब 13:40 बजे महमूदनगर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी घटना के करीब छह घंटे के अंदर की गई।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे/निशानदेही से घटना में प्रयुक्त एक अदद सरिया का टुकड़ा भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय सुलतानपुर के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले की विवेचना प्रचलित है।
क्षेत्राधिकारी विनय कुमार गौतम ने दी बाइट
घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय कुमार गौतम ने मीडिया को बाइट देते हुए बताया कि अधीक्षक की तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत किया गया तथा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को छह घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त सरिया भी बरामद की गई है। मामले में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मीडिया ने सीएचसी अधीक्षक से ली जानकारी
घटना के बाद मीडिया टीम सीएचसी अखण्डनगर पहुंची और अधीक्षक डॉ. सत्येंद्र सिंह से मुलाकात कर घटना के संबंध में जानकारी ली। अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। घटना के बावजूद सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होने की जानकारी दी गई।
अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की मांग
अधीक्षक पर हुए हमले के बाद अब सीएचसी अखण्डनगर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग जोर पकड़ रही है। अस्पताल में डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, मरीज और तीमारदार लगातार मौजूद रहते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की तैनाती जरूरी मानी जा रही है।
सीएमओ और सरकार से मांग
स्थानीय लोगों एवं अस्पताल से जुड़े लोगों की मांग है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुलतानपुर और उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएचसी अखण्डनगर में स्थायी और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
मांग है कि सुरक्षा गार्डों की व्यवस्था केवल अस्थायी रूप से न हो, बल्कि शासकीय स्तर पर नियमित व्यवस्था अथवा स्वीकृत संविदा पदों के माध्यम से प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाए। इससे डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, अन्य स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार, ओपीडी, चिकित्सकों के कक्ष और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ निगरानी व्यवस्था भी बेहतर किए जाने की जरूरत है। किसी विवाद या अप्रिय स्थिति में सुरक्षा गार्ड तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा जरूरी
स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का इलाज करने और लोगों की जान बचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा की घटना गंभीर चिंता का विषय है। सीएचसी अखण्डनगर की घटना के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा अस्पताल में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग सामने आई है।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल अमित यादव और कांस्टेबल विजय गुप्ता शामिल रहे। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त सरिया बरामद करने की कार्रवाई की गई है।
फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आगे की विधिक कार्रवाई और विवेचना जारी है, जबकि सीएचसी अखण्डनगर में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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