राष्ट्रीय सवर्ण परिषद का प्रदर्शन, आर्थिक आरक्षण समेत 5 मांगों को लेकर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

सुल्तानपुर - सामान्य समाज के हितों, समान अवसर और सामाजिक समानता की मांग को लेकर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सुल्तानपुर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। परिषद ने अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपील की। प्रदर्शनकारी सबसे पहले तिकोनिया पार्क में एकत्र हुए। यहां संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इसके बाद सभी लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। संगठन का कहना है कि उनकी मांगें सामान्य समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के हितों और समान अवसर से जुड़ी हैं। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति की मांग परिषद की पहली मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति से संबंधित है। संगठन ने कहा कि नागरिकों और सामाजिक संगठनों को संविधान एवं कानून के दायरे में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार और उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

UGC व्यवस्था समाप्त करने की मांग

दूसरी प्रमुख मांग UGC व्यवस्था को समाप्त करने से संबंधित है। परिषद ने UGC के प्रावधानों की व्यापक समीक्षा करने तथा इसे पूर्ण रूप से समाप्त करने अथवा कानून एवं संविधान के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।

आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग

तीसरी मांग आरक्षण व्यवस्था में सुधार से जुड़ी है। परिषद ने जाति के बजाय आर्थिक स्थिति और वास्तविक आर्थिक कमजोरी को प्राथमिकता देने की मांग की। संगठन का कहना है कि जरूरतमंद नागरिकों को उनकी आर्थिक स्थिति के आधार पर समान अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

SC/ST कानूनों और नीतियों की समीक्षा

चौथी मांग SC/ST से संबंधित कानूनों एवं नीतियों की निष्पक्ष और व्यापक समीक्षा किए जाने की है। परिषद ने कहा कि कानूनों की समीक्षा इस उद्देश्य से की जानी चाहिए कि किसी भी कानून का दुरुपयोग न हो और समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

सामान्य समाज के हितों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग

पांचवीं और अंतिम मांग सामान्य समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कानून एवं नीतिगत प्रावधान किए जाने की है। परिषद ने कहा कि कमजोर वर्ग के नागरिकों के अधिकार, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों को अपनी समस्याएं और मांगें संवैधानिक तरीके से सरकार एवं संबंधित संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचाने का अधिकार है। परिषद ने राष्ट्रपति से पांचों मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर उचित कार्रवाई किए जाने की अपील की। ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के अयोध्या मंडल प्रभारी गौरी शंकर शर्मा, जिलाध्यक्ष सुल्तानपुर अमित उपाध्याय, जिला मीडिया प्रभारी सुल्तानपुर लक्ष्य दुबे, संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवैया, राष्ट्रीय संगठन मंत्री आचार्य भरत तिवारी, जिलाध्यक्ष रायबरेली सुधीर तिवारी, राजेश तिवारी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। परिषद ने कहा कि वह सामान्य समाज के हितों, समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठाता रहेगा 

संवाददाता - दिनेश सिंह अग्निवंशी 

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