रात 9 बजे पशु चिकित्सक की गैरमौजूदगी का आरोप, बार-बार फोन के बाद भी नहीं उठा फोन
दोस्तपुर, सुल्तानपुर : नगर के छावनी मोहल्ले में शिव मंदिर के सामने राज क्षत्रिय एजेंसी के पास एक पशु की गंभीर हालत के दौरान समय पर उपचार नहीं मिलने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात करीब 9 बजे पशु को तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता थी, लेकिन सरकारी पशु अस्पताल में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. माधव प्रसाद मौके पर उपलब्ध नहीं थे।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों और गौ सेवक दल ने पशु को बचाने का प्रयास किया। मीडिया की ओर से डॉ. माधव प्रसाद को कई बार फोन लगाया गया, लेकिन आरोप है कि फोन रिसीव नहीं किया गया। घटना के समय डॉक्टर की वास्तविक स्थिति और ड्यूटी संबंधी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। डॉक्टर का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
योगी सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद पशु चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सरकारी सेवाओं में जवाबदेही और आम लोगों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर देती रही है। ऐसे में सरकारी पशु चिकित्सा सेवा से जुड़ी इस घटना ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में सरकारी पशु चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। यदि गंभीर हालत में पशु को समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलती है तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है।
चपरासी से उपचार कराने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने के दौरान अस्पताल के चपरासी द्वारा पशु का उपचार किया गया और उसे इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन अथवा दवा का नाम पूछे जाने पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।
मामले में यह सवाल उठ रहा है कि पशु को कौन-सी दवा या इंजेक्शन दिया गया और उपचार किसके निर्देश पर किया गया।
गौ सेवक दल और बच्चों ने बचाने का किया प्रयास
घटना की जानकारी मिलते ही गौ सेवक दोस्तपुर सुल्तानपुर दल के सदस्य मौके पर पहुंचे। टीम के साथ करीब नौ बच्चों ने भी रात में काफी समय तक पशु को बचाने का प्रयास किया। गौ सेवक दल और बच्चों ने अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद रात करीब 3:15 बजे पशु की मौत हो गई।
पशु की मौत के बाद गौ सेवक दल के सदस्यों ने फूल-मालाओं से श्रद्धांजलि अर्पित की और सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार की व्यवस्था की।
गौ सेवक दोस्तपुर सुल्तानपुर दल के अध्यक्ष शुभम पण्डित मिश्रा, कोषाध्यक्ष अभिषेक एवं राहुल, जितेंद्र विश्वकर्मा, शनि तिवारी तथा उप सचिव रुद्र पण्डित सहित अन्य सदस्यों ने पशु को बचाने के लिए रात में काफी प्रयास किया।
नगर पंचायत की जेसीबी से कराया गया अंतिम संस्कार
मृत पशु के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए दोस्तपुर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश सिंह अग्निवंशी ने नगर पंचायत को फोन किया। इसके बाद नगर पंचायत प्रतिनिधि रमेश सोनकर की ओर से जेसीबी भेजी गई। जेसीबी की सहायता से मृत पशु को वहां से हटाकर सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया।
मीडिया ने उठाया मामला
सरकारी पशु अस्पताल की व्यवस्था, चिकित्सक की कथित गैरमौजूदगी और पशु के उपचार से जुड़े सवालों को मीडिया ने प्रमुखता से उठाया। मीडिया की ओर से डॉ. माधव प्रसाद का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
मीडिया की भूमिका मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाने और संबंधित पक्ष का पक्ष जानने तक सीमित है। डॉक्टर का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर गौ सेवक दल और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि सरकारी पशु अस्पताल में तैनात चिकित्सक आपात स्थिति में उपलब्ध नहीं होते हैं और फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पाता है, तो यह गंभीर विषय है।
गौ सेवक दल एवं स्थानीय लोगों ने उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित विभागीय अधिकारियों से डॉ. माधव प्रसाद के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश देने की मांग की है। साथ ही सरकारी पशु चिकित्सा सेवाओं में आपात स्थिति के दौरान चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मामले में डॉक्टर का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि यदि गंभीर हालत में पशु को समय पर चिकित्सकीय उपचार मिल जाता तो क्या उसकी जान बचाई जा सकती थी? इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है
रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी
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