लेखपाल के कथित वीडियो और गलत पैमाइश पर CRPF जवान ने उठाये सवाल
दोस्तपुर - सुलतानपुर थाना दोस्तपुर क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर बस्तीपुर निवासी सीआरपीएफ जवान दिनेश कुमार पुत्र फिरतू राम यादव ने अपनी आबादी की जमीन की पैमाइश को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। जवान ने उपजिलाधिकारी कादीपुर को प्रार्थना पत्र देकर भूमि की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार दोबारा पैमाइश कराने की मांग की है। दिनेश कुमार का आरोप है कि उनकी आबादी की जमीन की कच्ची पैमाइश कर उसे खतौनी की भूमि बताया जा रहा है,जबकि उनके अनुसार वर्ष 2005 से उक्त भूमि पर उनका कब्जा है। उनका कहना है कि मौके पर शौचालय, छप्पर और पुराने पेड़ मौजूद हैं तथा छप्पर में उनके जानवर रहते हैं। दूसरे गांव के लेखपाल से कच्ची पैमाइश कराने का आरोप सीआरपीएफ जवान के अनुसार संबंधित कानूनगो द्वारा दूसरे गांव के लेखपाल को मौके पर बुलाकर कच्ची पैमाइश कराई गई। आरोप है कि पैमाइश के बाद उनकी आबादी की जमीन को खतौनी की भूमि बताया जा रहा है। शिकायत में गाटा संख्या 1550 के पूरब स्थित आबादी की भूमि का उल्लेख किया गया है। जवान का आरोप है कि भूमि के नाम और स्थिति को गलत तरीके से दर्शाकर कच्ची पैमाइश की गई। उन्होंने इस पैमाइश पर आपत्ति दर्ज कराते हुए राजस्व अभिलेख, नक्शा और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराने की मांग की है। राजेंद्र लेखपाल के कथित वीडियो को लेकर भी सवाल मामले में लेखपाल राजेंद्र कुमार से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर भी शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। दिनेश कुमार का आरोप है कि वीडियो में राजेंद्र कुमार कथित रूप से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता, वीडियो की मूल स्रोत सामग्री और उसमें दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता की मांग है कि प्रशासन वीडियो की तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच कराए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जवान का सवाल है कि यदि वीडियो प्रशासन के संज्ञान में आया है तो उसकी जांच अब तक क्यों नहीं कराई गई और इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई, इसकी स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। सरकार के सख्त निर्देशों के बीच कार्रवाई की मांग सीआरपीएफ जवान ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और राजस्व विभाग से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो की जांच के साथ-साथ उनकी जमीन की पैमाइश की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। देश की सेवा के साथ जमीन का विवाद बना परेशानी दिनेश कुमार ने बताया कि वह सीआरपीएफ की 66वीं वाहिनी में मणिपुर में तैनात हैं। वह वर्तमान में 22 सितंबर 2026 तक अवकाश पर घर आए हैं। उनका कहना है कि वह देश की सेवा में ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन जमीन के विवाद के चलते उन्हें अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता बीमार रहते हैं और परिवार में बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या भी है। ऐसी परिस्थितियों में परिवार की जिम्मेदारी और जमीन का विवाद उनके लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वर्ष 2005 से कब्जे का दावा दिनेश कुमार का कहना है कि वर्ष 2005 में उन्होंने विवादित आबादी की जमीन पर शौचालय बनवाया था। इसी स्थान पर छप्पर भी मौजूद है, जिसमें उनके पशु रहते हैं। उनका कहना है कि मौके पर पुराने पेड़ भी मौजूद हैं और लंबे समय से उनका परिवार भूमि का उपयोग करता आ रहा है। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि केवल कच्ची पैमाइश के आधार पर भूमि की स्थिति निर्धारित न की जाए, बल्कि राजस्व अभिलेखों, नक्शे और मौके की स्थिति का विधिवत मिलान कराया जाए।
एसडीएम और डीएम से दोबारा पैमाइश की मांग सीआरपीएफ जवान ने उपजिलाधिकारी कादीपुर और जिलाधिकारी सुलतानपुर से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने सक्षम राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में मौके की भूमि की दोबारा निष्पक्ष और नियमानुसार पैमाइश कराने की अपील की है। उन्होंने संबंधित कानूनगो और लेखपाल की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में गलत पैमाइश, लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री और राजस्व विभाग से हस्तक्षेप की अपील दिनेश कुमार ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश,राजस्व विभाग,जिलाधिकारी सुलतानपुर और उपजिलाधिकारी कादीपुर से पूरे मामले का निष्पक्ष संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो की जांच और भूमि पैमाइश की स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है। जवान का कहना है कि वह किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते। उनकी मांग है कि राजस्व अभिलेखों और मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर उनकी आबादी की जमीन की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई हो। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि जमीन के विवाद का निष्पक्ष समाधान हो सके और वह अपने परिवार की चिंता से मुक्त होकर दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौटकर देश की सेवा कर
संवाददाता - दिनेश सिंह अग्निवंशी
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