बुलडोजर चलता रहा, किसान देखते रह गए, रोते रहे; कई साल पुराने कच्चे मकान पर हुई कार्रवाई बनी चर्चा का विषय

सुल्तानपुर :  कादीपुर तहसील के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के नारा मधईपुर गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे सरकारी जमीन से कथित अवैध कब्जा हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम की कार्रवाई चर्चा में रही। उपजिलाधिकारी कादीपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद बुलडोजर से एक किसान के कई साल पुराने कच्चे मकान को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसान और उसके परिजन मौके पर खड़े होकर बुलडोजर की कार्रवाई देखते रहे। ग्रामीणों के मुताबिक, किसान अपने मकान को गिरता देखकर भावुक हो गया और रोता रहा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, परिवार की आंखों के सामने कई साल पुराना कच्चा मकान बुलडोजर से ढहा दिया गया।
प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों के सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका सवाल कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में करीब चार बीघा जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत है। ऐसे में पूरी जमीन की पैमाइश और सीमांकन कराकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए थी।
ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के मुताबिक गाटा संख्या 648 और 649 समेत करीब चार बीघा जमीन पर कथित कब्जा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रामाशंकर यादव और उनके परिवार की ओर से भी काफी जमीन पर कब्जा किया गया है। मौके पर नया पक्का मकान, शौचालय और पशुबाड़ा होने की बात ग्रामीणों ने कही है।
कई साल पुराना कच्चा मकान बना चर्चा का विषय
ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन की कार्रवाई में किसान का कई साल पुराना कच्चा मकान गिराया गया, जबकि अन्य कथित कब्जों को लेकर कार्रवाई की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से गांव में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित गाटा संख्या की जमीन सरकारी है तो राजस्व अभिलेखों के आधार पर पूरी जमीन की पैमाइश और सीमांकन कराकर जहां भी अवैध कब्जा मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
वीडियो बनाने से रोकने पर भी उठे सवाल ग्रामीणों के अनुसार कार्रवाई के दौरान मौके पर वीडियो बनाने से भी लोगों को रोका गया। इसको लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि कार्रवाई की तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड करने से रोकने का कारण क्या था। ग्रामीणों ने मांग की है कि गाटा संख्या 648 और 649 समेत संबंधित भूमि की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच और पैमाइश कराई जाए तथा सरकारी भूमि की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए। मामले में वीडियो बनाने से रोकने के कारण, कार्रवाई की पूरी राजस्व प्रक्रिया और किसान के मकान पर की गई कार्रवाई को लेकर प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

रिपोर्टर : दिनेश सिंह अग्निवंशी

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