NHM संविदा कर्मचारियों का दोस्तपुर में जोरदार धरना-प्रदर्शन,
सुल्तानपुर - दोस्तपुर उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) के बैनर तले शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दोस्तपुर के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, सम्मानजनक वेतन, महंगाई भत्ता, स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। अब वे अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज उठा रहे हैं।
सरकार से संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष ठाकुर मयंक प्रताप के आह्वान पर आयोजित आंदोलन में कर्मचारियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को भी सेवा सुरक्षा, सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं मिलनी चाहिए। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस निर्णय लिया जाए।
1. संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण: कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग है कि वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए, ताकि उन्हें भविष्य की सुरक्षा और स्थायी सेवा का लाभ मिल सके।
2. समान कार्य के लिए समान वेतन: कर्मचारियों ने मांग की कि समान प्रकृति का कार्य करने वाले कर्मियों को समान वेतन दिया जाए। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलना चाहिए।
3. वेतन वृद्धि एवं सम्मानजनक वेतन: बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों को देखते हुए कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने तथा आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए उचित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की।
4. महंगाई भत्ता (DA): कर्मचारियों ने अन्य पात्र सेवा लाभों की तरह महंगाई भत्ता उपलब्ध कराने की मांग उठाई, जिससे महंगाई के प्रभाव को कम किया जा सके।
5. EPF और HRA का लाभ: कर्मचारियों ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) तथा मकान किराया भत्ता (HRA) जैसी सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध कराने की मांग की, जिससे उन्हें भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और आवास संबंधी सहायता मिल सके।
6. स्वास्थ्य बीमा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा: कर्मचारियों ने अपने और अपने परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा तथा कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही पात्रता के अनुसार आयुष्मान कार्ड का लाभ देने की भी अपील की।
7. ग्रेच्युटी का लाभ: कर्मचारियों ने सेवा अवधि और लागू नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि सेवा समाप्ति या सेवानिवृत्ति जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सहायता मिल सके।
8. अनुकंपा नियुक्ति: कर्मचारियों ने मांग की कि पात्र कर्मचारियों के परिवारों को नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने की व्यवस्था की जाए, जिससे विपरीत परिस्थितियों में परिवार को सहारा मिल सके।
9. नियमित पदों पर भर्ती में कोटा निर्धारण: संघ ने नियमित पदों पर भर्ती के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुभव प्राप्त संविदा कर्मचारियों के लिए उचित कोटा निर्धारित करने की मांग उठाई।
10. आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन: कर्मचारियों ने आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत कर्मियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग भी रखी।
11. गैर जनपद स्थानांतरण की सुविधा: कर्मचारियों ने रिक्त पदों के सापेक्ष गैर जनपद स्थानांतरण की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि आवश्यक परिस्थितियों में कर्मचारियों को सुविधा मिल सके।
12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
संघ की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8, 9 एवं 10 अक्टूबर 2026 को पूर्ण हड़ताल और धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया था। इसी क्रम में 10 अक्टूबर को दोस्तपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत कर्मचारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 12 अक्टूबर 2026 से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन एवं क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन की घोषणा के अनुसार आंदोलन को प्रदेश के विभिन्न जिलों के कलेक्ट्रेट मुख्यालयों तक भी आगे बढ़ाया जाएगा। संघ ने कहा कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पहले भी सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी है, लेकिन उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। संगठन ने सरकार से अपील की कि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र वार्ता कर उचित निर्णय लिया जाए। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने की बात दोस्तपुर में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ की ओर से स्पष्ट किया गया कि आंदोलन के दौरान आपातकालीन सेवाएं बाधित नहीं की जाएंगी। कर्मचारियों ने कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी को समझते हैं और मरीजों को आपात स्थिति में आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलती रहनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे पदाधिकारी एवं कर्मचारी
धरना-प्रदर्शन में अध्यक्ष डॉ. रवि सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. रेशमा बेगम, महामंत्री सर्वेश द्विवेदी, संगठन मंत्री रंजना सिंह एवं डॉ. देव नारायण निषाद, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा एवं सुभाष चन्द्र तथा मीडिया प्रभारी डॉ. राहुल पाण्डेय एवं प्रीति मिश्रा मौजूद रहे। इसके अलावा नितीश मौर्या, वीरेंद्र कुमार, श्यामनारायण मिश्रा, नन्दलाल यादव, पूजा, खुशबू, दीपिका, रविन्द्र, ऋचा और अरविन्द यादव सहित अन्य कर्मचारी भी धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे।
सरकार से जल्द समाधान की अपील
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की कि नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, सम्मानजनक वेतन, महंगाई भत्ता, EPF, HRA, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अन्य सेवा संबंधी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि बेहतर सेवा शर्तें मिलने से उनका मनोबल मजबूत होगा और वे स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बेहतर ढंग से कर सकेंगे। संघ ने दोहराया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि अपने अधिकारों, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए है। संगठन ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
संघ का नारा है—
“नियमितीकरण हमारा अधिकार, समान कार्य के लिए समान वेतन। सम्मानजनक वेतन हमारा हक, एकता में शक्ति और संघर्ष ही समाधान
संवाददाता - दिनेश सिंह अग्निवंशी

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