पांडे बाबा मेले में आस्था का सैलाब, कांग्रेस का सहायता शिविर

पांडे बाबा मेले में आस्था का सैलाब, कांग्रेस का सहायता शिविर और अपराध निरोधक समिति की टीम रही सक्रिय, कई जिलों से पहुंचे श्रद्धालु

सुल्तानपुर- जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के मोतिगरपुर में विजयदशमी के अवसर पर लगने वाले ऐतिहासिक पांडे बाबा मेले में आस्था, परंपरा और जनसेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। दो दिवसीय इस मेले में सुल्तानपुर सहित कई जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने, पूजा-अर्चना करने और करही चढ़ाने पहुंचे। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में आज भी लोगों की गहरी आस्था देखने को मिलती है। मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सेवा, सुरक्षा और ग्रामीण संस्कृति की भी झलक देखने को मिली।

सैकड़ों वर्षों से आस्था का केंद्र है पांडे बाबा धाम

पांडे बाबा धाम की परंपरा लगभग 350 से 400 वर्ष पुरानी बताई जाती है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, धरमंगल पांडेय नाम के तपस्वी इसी क्षेत्र में रहकर पूजा-पाठ और तपस्या किया करते थे। उनके निधन के बाद क्षेत्र के लोगों ने उन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजना शुरू कर दिया। मान्यता है कि उनके समाधि स्थल पर ही वर्तमान पांडे बाबा धाम स्थित है। समय के साथ यह स्थान क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।

विजयदशमी के अवसर पर यहां लगने वाला दो दिवसीय मेला धार्मिक परंपरा, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। सुल्तानपुर के अलावा आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर बाबा के दर्शन करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

करही, कौड़ी, अनाज, घी और तेल चढ़ाने की परंपरा

पांडे बाबा धाम में दशहरे के अवसर पर चढ़ावे की परंपरा विशेष महत्व रखती है। श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने के साथ करही चढ़ाते हैं। यहां स्थित पीपल के पेड़ पर आटा, चावल, गुड़ और कौड़ियां अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। श्रद्धालु अपनी मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार फूल, अनाज तथा अन्य सामग्री चढ़ाते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मेले में कई कुंतल अनाज सहित घी, तेल और अन्य खाद्य सामग्री का चढ़ावा अर्पित किया जाता है। श्रद्धालु अपनी मनौती पूरी होने की कामना के साथ बाबा के दरबार में पहुंचते हैं। पशुधन की रक्षा से जुड़ी स्थानीय मान्यताओं के कारण भी इस धाम के प्रति लोगों में विशेष विश्वास बताया जाता है।

कई वर्षों से चली आ रही इन परंपराओं के कारण पांडे बाबा धाम में विजयदशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है।

मेले में सजी दुकानें, झूले और ग्रामीण बाजार बने आकर्षण

पांडे बाबा का मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीण व्यापार और मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र है। यहां ट्रैक्टर-ट्रॉली, बाइक, लकड़ी के तख्त, फर्नीचर, खिलौने, मिट्टी के बर्तन, लोहे के बर्तन और विभिन्न प्रकार के घरेलू सामान की दुकानें सजती हैं। इसके अलावा लाठी, गट्टा, मिठाइयों और खानपान की दुकानों पर भी लोगों की चहल-पहल रहती है।

बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए जाते हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने के साथ मेले में खरीदारी और मनोरंजन का आनंद भी लेते हैं। यह मेला स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। मेले की रौनक ग्रामीण संस्कृति, परंपरा और आपसी मेल-मिलाप की जीवंत तस्वीर पेश करती है।

कांग्रेस ने लगाया सहायता शिविर, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने की श्रद्धालुओं की सेवा

मेले में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से सहायता शिविर लगाया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के संयोजन में आयोजित इस शिविर में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं की मदद करते हुए जनसेवा और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया।

इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय सचिव बीपी सिंह, वरिष्ठ नेता प्रमोद मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओपी चौधरी सहित जनपद के अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। शिविर के माध्यम से मेले में आए श्रद्धालुओं की सहायता करने की पहल की गई।

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष जय प्रकाश पाठक, बैजनाथ तिवारी, मोतिगरपुर ब्लॉक अध्यक्ष राहुल मिश्रा, अशोक वर्मा, इन्द्र केश शर्मा, घनश्याम पाण्डेय, माताप्रसाद सिंह प्रधान लामा, किसान नेता शिवपूजन सिंह, संतोष सिंह बेलवारी, विजय सिंह मिन्नट, मोनू पाठक, शिवम पाठक, सुग्रीव यादव, अंकित अग्रहरी, जगन्नाथ सिंह, रमेश सिंह, पप्पू निषाद, देवमणि पाण्डेय, बबलू हाँसापुर और डब्बू मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अमर बहादुर सिंह के नेतृत्व में अपराध निरोधक समिति की पूरी टीम रही अलर्ट

मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति, लखनऊ की पूरी टीम भी पांडे बाबा धाम पहुंची। निर्देशानुसार अमर बहादुर सिंह, जिला सचिव एवं मंडल सचिव, अयोध्या मंडल के नेतृत्व में टीम ने मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार सिंह एवं सचिन बरनवाल सहित समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

समिति की टीम ने मेले के दौरान सतर्कता बनाए रखी और श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा व्यवस्था पर नजर रखी। कई जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच टीम की सक्रियता देखने को मिली। धार्मिक आयोजन के दौरान लोगों के बीच जागरूकता और सेवा भावना बनाए रखने पर जोर दिया गया।

पुलिस प्रशासन की निगरानी में चला मेला

दशहरे के अवसर पर पांडे बाबा धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर विनीत जायसवाल के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी गई। मोतिगरपुर थाना प्रभारी अनिरुद्ध सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन की निगरानी में श्रद्धालुओं की आवाजाही और मेले की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया।

आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का प्रतीक बना पांडे बाबा मेला

पांडे बाबा धाम का ऐतिहासिक मेला कई वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है। यहां करही चढ़ाने, पीपल के पेड़ पर आटा, चावल, गुड़ और कौड़ियां अर्पित करने तथा अनाज, घी-तेल सहित अन्य सामग्री चढ़ाने की परंपरा श्रद्धालुओं की आस्था को दर्शाती है।

एक ओर कई जिलों से आए श्रद्धालुओं की भीड़, धार्मिक अनुष्ठान और ग्रामीण बाजार मेले की रौनक बढ़ाते हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का सहायता शिविर और उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति की टीम की मौजूदगी सामाजिक सेवा एवं सहयोग की भावना को सामने लाती है।

संवाददाता दिनेश सिंह अग्निवंशी

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