स्वच्छता अभियान पर सवाल: सरकार सफाई पर दे रही जोर
सुल्तानपुर - एक तरफ सरकार शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए साफ-सफाई, स्वच्छता जागरूकता और बेहतर नागरिक सुविधाओं पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सुल्तानपुर शहर के रुहट्टा गली से सब्जी मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक सुविधा के अभाव में खुले में पेशाब किए जाने की समस्या सामने आ रही है, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलने की शिकायत है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार स्वच्छता को लेकर गंभीर है, तो नगर पालिका परिषद शहर के व्यस्त मार्गों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठा रही है?
स्वच्छता के दावों के बीच बुनियादी सुविधाओं की कमी
स्वच्छता का अर्थ केवल सड़कों पर झाड़ू लगाना, कूड़ा उठाना और अभियान चलाना नहीं है, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ वातावरण देने के साथ जरूरी सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। रुहट्टा गली से सब्जी मंडी की ओर जाने वाला मार्ग लोगों की आवाजाही से जुड़ा है। इस रास्ते से बाजार जाने वाले नागरिकों और अन्य राहगीरों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय या यूरिनल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। खुले में पेशाब किए जाने से आसपास गंदगी और दुर्गंध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाली महिलाओं को भी असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।
आखिर नगर पालिका परिषद की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
शहर की सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना नगर पालिका परिषद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में इस समस्या को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है? क्या इस मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय या यूरिनल की जरूरत का आकलन किया गया है? यदि लोगों को सुविधा नहीं मिल रही है, तो समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? सरकार स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दे रही है,लेकिन स्वच्छता के प्रयासों को जमीन पर प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी आवश्यक व्यवस्थाएं होनी चाहिए। केवल लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने अधिशासी अधिकारी को दिया प्रार्थना पत्र
इस जनसमस्या को लेकर राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने नगर पालिका परिषद, सुल्तानपुर के अधिशासी अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने रुहट्टा गली से सब्जी मंडी की ओर जाने वाले मार्ग का निरीक्षण कराने तथा वहां साफ-सफाई और दुर्गंध निवारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी होती है। इसलिए संबंधित स्थान पर आवश्यकता के अनुसार सार्वजनिक शौचालय अथवा यूरिनल का निर्माण कराया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों को सुविधा मिल सके और खुले में पेशाब करने की समस्या पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
पूरे शहर में चिह्नित हों सार्वजनिक शौचालय की जरूरत वाले स्थान
राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने मांग की है कि नगर पालिका परिषद केवल एक स्थान तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे शहर में ऐसे मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को चिह्नित करे, जहां शौचालय या यूरिनल की व्यवस्था अपर्याप्त है। इन स्थानों पर लोगों की आवाजाही और जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराने के साथ उनकी नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता, उचित रखरखाव और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि इन व्यवस्थाओं पर नियमित निगरानी रखी जाए, तो नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
महिलाओं की सुविधा और शहर की स्वच्छता का भी सवाल
सार्वजनिक शौचालयों की कमी का असर आम नागरिकों के साथ महिलाओं की सुविधा पर भी पड़ता है। व्यस्त मार्गों पर उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को असुविधा होती है। ऐसे में नगर पालिका परिषद को सार्वजनिक सुविधाओं की योजना बनाते समय महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों की जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहिए। शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सफाई अभियान के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाए। सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता और उनका नियमित रखरखाव स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अब कार्रवाई का इंतजार, नगर पालिका परिषद से उठे सवाल
राघवेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा जनसमस्या उठाए जाने के बाद अब निगाहें नगर पालिका परिषद, सुल्तानपुर के अधिकारियों पर टिकी हैं। सवाल यह है कि रुहट्टा गली से सब्जी मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था कब होगी? क्या संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएंगे? सरकार स्वच्छता पर जोर दे रही है और नागरिक भी अपने शहर को साफ-सुथरा देखना चाहते हैं। ऐसे में नगर पालिका परिषद से अपेक्षा है कि वह इस शिकायत पर गंभीरता से विचार करे, आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे। अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन इस जनसमस्या पर कब तक कार्रवाई करता है और लोगों को राहत मिलती है या नहीं
संवाददाता - दिनेश सिंह अग्निवंशी

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